Uttarakhand की प्रेमा रावत ने तोड़ा पाकिस्तानी खिलाड़ी का वर्ल्ड रिकॉर्ड, 14 गेंदों में ठोका तूफानी अर्धशतक

उत्तराखंड की युवा क्रिकेटर प्रेमा रावत ने महिला क्रिकेट में ऐसा कारनामा कर दिखाया है, जिसकी चर्चा अब हर तरफ हो रही है। सीनियर वीमेंस टी20 ट्रॉफी में उन्होंने महज 14 गेंदों में अर्धशतक जड़ दिया। इसके साथ ही प्रेमा महिला क्रिकेट इतिहास में सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। उन्होंने पाकिस्तान की फातिमा सना का रिकॉर्ड तोड़ दिया, जिन्होंने 15 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की थी।

हैदराबादी गेंदबाजों की जमकर धुनाई

उत्तराखंड की ओर से खेलते हुए प्रेमा रावत चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरीं। शुरुआत में उन्होंने पहली गेंद पर कोई रन नहीं बनाया, लेकिन इसके बाद उनका बल्ला जमकर बोला। उन्होंने मैदान के चारों ओर चौके और छक्के लगाए। हैदराबाद के गेंदबाजों के पास उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का कोई जवाब नहीं था। देखते ही देखते प्रेमा ने रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

14 गेंदों में कैसे बनी रिकॉर्ड फिफ्टी?

प्रेमा ने अपनी पारी की दूसरी, तीसरी और चौथी गेंद पर लगातार तीन चौके लगाए। इसके बाद एक गेंद खाली गई और फिर उन्होंने छक्का जड़ दिया। आगे की गेंद पर भी रन नहीं बना, लेकिन इसके बाद उन्होंने तेजी से रन बटोरने शुरू कर दिए। अगली सात गेंदों में तीन छक्के, तीन चौके और एक डबल लेकर उन्होंने अपना अर्धशतक पूरा कर लिया।

फातिमा सना का रिकॉर्ड टूटा

प्रेमा से पहले महिला क्रिकेट में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड पाकिस्तान की फातिमा सना के नाम था। उन्होंने जिम्बाब्वे के खिलाफ 15 गेंदों में 50 रन पूरे किए थे। अब प्रेमा ने सिर्फ 14 गेंदों में अर्धशतक लगाकर यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। उनकी इस पारी ने घरेलू क्रिकेट में भी सबका ध्यान खींचा है।

बागेश्वर से शुरू हुआ क्रिकेट का सफर

प्रेमा रावत उत्तराखंड के बागेश्वर जिले की रहने वाली हैं। उनके पिता केदार सिंह रावत भारतीय वायुसेना में कार्यरत हैं। प्रेमा ने बचपन में गांव के खेतों में अपने भाइयों के साथ क्रिकेट खेलना शुरू किया था। हालांकि, क्रिकेट उनका पहला खेल नहीं था। वह पहले एथलेटिक्स और हॉकी में भी हाथ आजमा चुकी हैं। उन्होंने स्कूल गेम्स और राज्य स्तर पर हॉकी में हिस्सा लिया था।

परिवार के साथ से बदली जिंदगी

12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रेमा ने पिता से बातचीत की और क्रिकेट को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया। परिवार ने उनका पूरा साथ दिया। इसके बाद उन्होंने उत्तराखंड की महिला टीम के लिए घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया। 2023 सीनियर वीमेंस टी20 ट्रॉफी में वह सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज भी बनी थीं। उत्तराखंड प्रीमियर लीग 2024 के फाइनल में उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

WPL से इंटरनेशनल क्रिकेट तक पहुंचीं

प्रेमा के शानदार प्रदर्शन का फायदा उन्हें बड़े मंच पर भी मिला। WPL 2025 के लिए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन्हें 1.2 करोड़ रुपये में खरीदा। इसके बाद जून 2026 में उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया। अब 14 गेंदों में रिकॉर्ड अर्धशतक लगाकर उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिभा साबित की है। उनकी कहानी छोटे शहर से बड़े क्रिकेट मंच तक पहुंचने की मिसाल बन गई है।

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Author: The Hindi Post