UP में साइबर अपराधियों की खैर नहीं! योगी सरकार का बड़ा दांव, सभी 75 जिलों में साइबर थाने, फॉरेंसिक तकनीक पर जोर

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नई तकनीक का इस्तेमाल जनहित, न्याय व्यवस्था और युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए किया जाना चाहिए। इसके लिए साइबर सुरक्षा, फॉरेंसिक विज्ञान, वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रशिक्षित विशेषज्ञों को बढ़ावा देना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि वह लखनऊ स्थित उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) में आयोजित टेकसंगम 2026 में प्रतिभाग करेंगे। इस आयोजन में आधुनिक तकनीक के जरिए नागरिकों की सुरक्षा मजबूत करने पर चर्चा होगी।

AI और साइबर फॉरेंसिक पर होगा मंथन

टेकसंगम 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम तकनीक और डेटा प्रोटेक्शन जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह आयोजन तकनीकी नवाचार को नागरिक सुरक्षा, प्रभावी न्याय व्यवस्था और डिजिटल भरोसे से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर है। इसमें वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य क्षेत्रों के जानकारों को अपने विचार साझा करने का मंच मिलेगा। इसका उद्देश्य नई तकनीकों का जिम्मेदारी के साथ इस्तेमाल करना और साइबर अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने की क्षमता बढ़ाना है।

2017 से पहले यूपी में थे सिर्फ दो साइबर थाने

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में केवल दो साइबर थाने और चार फॉरेंसिक लैब थीं। उनके मुताबिक, उस समय वैज्ञानिक जांच और तकनीकी संसाधनों की कमी के कारण अपराधों की जांच में मुश्किलें आती थीं। वैज्ञानिक साक्ष्य पर्याप्त नहीं होने से अपराधियों को कानून से बच निकलने का मौका मिलता था। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उस समय प्रदेश में दोषसिद्धि दर यानी कन्विक्शन रेट 30 प्रतिशत से भी कम था। उन्होंने इसे व्यवस्था में सुधार की जरूरत से जोड़ा।

अब सभी 75 जिलों में साइबर थाने

योगी आदित्यनाथ के अनुसार, वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक जांच को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। आज उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में साइबर थाने मौजूद हैं। इसके साथ ही प्रत्येक मंडल में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का जोर आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक जांच के माध्यम से अपराधों की पड़ताल को बेहतर बनाने पर है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि इन प्रयासों से दोषसिद्धि दर में भी वृद्धि हुई है।

युवाओं के लिए शिक्षा और रोजगार के नए अवसर

मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए नए अवसर बन रहे हैं। इन क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा देने से रोजगार की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के बीच प्रशिक्षित विशेषज्ञों की मांग महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में प्रदेश के युवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ना उनके करियर के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। सरकार तकनीक को न्याय और रोजगार से जोड़ने पर जोर दे रही है।

वैज्ञानिकों और उद्योग जगत को मिलेगा साझा मंच

टेकसंगम 2026 में देश-विदेश के वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, कानून विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के शामिल होने की बात कही गई है। इस मंच पर डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता, साइबर सुरक्षा और नई तकनीकों के जिम्मेदार इस्तेमाल पर चर्चा होगी। साथ ही अनुसंधान, शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, ऐसे प्रयास प्रदेश में तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने, नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाने और न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकते हैं।

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Author: The Hindi Post