Tihar Jail में 8 दिन बिताने के बाद CJP नेताओं को राहत, SEM कोर्ट ने सौरव दास और आशुतोष रांका की रिहाई के आदेश दिए

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को अदालत से राहत मिली है। SEM कोर्ट ने दोनों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। दोनों नेताओं को न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी होने के बाद बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया था। वे पिछले कई दिनों से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद थे। रिहाई का आदेश जारी होने के बाद अब उनकी जेल से बाहर आने का रास्ता साफ हो गया है।

13 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने लिया था हिरासत में

सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने 13 अक्टूबर को हिरासत में लिया था। दोनों पर आरोप है कि वे जंतर-मंतर पर लगाए गए बैरिकेड्स को पार करके प्रतिबंधित क्षेत्र में दाखिल हुए थे। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों को अदालत में पेश किया गया। इसके बाद से ही दोनों की न्यायिक हिरासत और जमानत को लेकर कानूनी प्रक्रिया चल रही थी।

पहले पांच दिन, फिर दो दिन बढ़ी हिरासत

मामले में 14 अक्टूबर को अदालत ने दोनों नेताओं को पांच दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद 19 अक्टूबर को उनकी हिरासत दो दिन के लिए और बढ़ा दी गई। बुधवार, 21 अक्टूबर को उनकी न्यायिक हिरासत की अवधि पूरी हो रही थी। इसी दौरान दोनों को फिर अदालत में पेश किया गया, जहां मामले की सुनवाई के बाद SEM कोर्ट ने उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया।

दिल्ली हाईकोर्ट भी पहुंचे थे दोनों नेता

जमानत और न्यायिक हिरासत के मामले में सौरव दास और आशुतोष रांका ने दिल्ली हाईकोर्ट का भी रुख किया था। दोनों की ओर से हिरासत को चुनौती देते हुए याचिका दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने उनकी उम्र को लेकर टिप्पणी की। अदालत ने पूछा कि दोनों की उम्र कितनी है। इस पर उनके वकील ने बताया कि आशुतोष रांका 31 साल के हैं, जबकि सौरव दास की उम्र 27 साल है।

हाईकोर्ट ने कहा- आप लोग जेन-जी नहीं हैं

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दोनों नेताओं से जुड़े मामले पर टिप्पणी करते हुए कहा कि वे जेन-जी नहीं हैं। अदालत ने यह भी कहा कि 21 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट उनकी न्यायिक हिरासत पर सुनवाई करने वाले हैं और वहां से उन्हें राहत मिल सकती है। हाईकोर्ट ने वकीलों से कहा कि अगर मजिस्ट्रेट कोर्ट से राहत नहीं मिलती है, तो वे दोबारा आवेदन कर सकते हैं। अदालत ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल करने का विकल्प भी बताया।

वकीलों ने वापस ली हाईकोर्ट से याचिका

हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद दोनों नेताओं के वकीलों ने अपनी याचिका वापस ले ली थी। इसके बाद मामले की सुनवाई मजिस्ट्रेट कोर्ट में होने का रास्ता बना। अब SEM कोर्ट ने दोनों को जमानत पर रिहा करने का आदेश दे दिया है और रिलीज ऑर्डर भी जारी कर दिया गया है। इस फैसले से सौरव दास और आशुतोष रांका को राहत मिली है। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रह सकती है।

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Author: The Hindi Post