एशियन पैरा गेम्स के दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मेडल्स की झड़ी लगा दी। ट्रैक एंड फील्ड में भारतीय एथलीटों का दबदबा देखने को मिला और अकेले एथलेटिक्स में पांच गोल्ड मेडल भारत की झोली में आए। दूसरे दिन के खेल के बाद भारत कुल 35 मेडल के साथ पदक तालिका में छठे स्थान पर पहुंच गया। इनमें नौ गोल्ड मेडल शामिल हैं। खास बात यह है कि भारत के कुल पदकों में से 20 मेडल अकेले एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने जीते। इस प्रदर्शन ने भारतीय दल की मजबूत स्थिति को दिखाया।
निषाद कुमार ने हाई जंप में रचा इतिहास
भारतीय एथलीट निषाद कुमार दूसरे दिन के सबसे बड़े सितारों में शामिल रहे। उन्होंने पुरुषों की हाई जंप T47 स्पर्धा में 2.04 मीटर की छलांग लगाकर गोल्ड मेडल जीता। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया। इससे पहले निषाद सोमवार को लॉन्ग जंप T47 में भी गोल्ड मेडल जीत चुके थे। इस तरह उन्होंने एक ही पैरा एशियाड में दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए। वह ऐसा करने वाले तीसरे भारतीय बने। उनके लगातार शानदार प्रदर्शन से भारत के पदकों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ।
दीप्ति और सिमरन ने गोल्ड पर लगाया निशाना
भारतीय महिला एथलीटों ने भी अपनी रफ्तार और दमदार प्रदर्शन से देश का नाम रोशन किया। तेलंगाना की 23 वर्षीय दीप्ति ने महिलाओं की 400 मीटर T20 रेस में 56.36 सेकंड का समय निकालकर गोल्ड मेडल जीता। उन्होंने नया गेम्स रिकॉर्ड भी बनाया और लगातार दूसरा पैरा एशियाड गोल्ड अपने नाम किया। वहीं, सिमरन ने महिलाओं की 200 मीटर T12 रेस में 24.80 सेकंड के रिकॉर्ड समय के साथ गोल्ड जीता। इसी स्पर्धा में डेब्यू कर रहीं तेजलबेन डामोर ने 25.23 सेकंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया।
डिस्कस थ्रो में भी भारत को दो गोल्ड
एथलेटिक्स की फील्ड स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी रहा। व्हीलचेयर एथलीट प्रणव सूरमा ने डिस्कस थ्रो की F51/52/53 कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता। वहीं, देवेंद्र कुमार ने F44/64 कैटेगरी में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक और गोल्ड भारत के नाम किया। इन दोनों खिलाड़ियों की जीत से भारतीय एथलेटिक्स दल के पदकों की संख्या और बढ़ गई। ट्रैक स्पर्धाओं के साथ-साथ फील्ड इवेंट्स में मिली इन सफलताओं ने दूसरे दिन भारत के प्रदर्शन को और मजबूत बना दिया।
शूटिंग और पावरलिफ्टिंग में मिले सिल्वर
निशानेबाजी में पेरिस पैरालंपिक के सिल्वर मेडल विजेता मनीष नरवाल ने पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल SH1 स्पर्धा में 233.7 का स्कोर किया और सिल्वर मेडल जीता। इसके साथ उन्होंने 2028 लॉस एंजेलिस पैरालंपिक के लिए कोटा भी हासिल किया। वहीं, हरियाणा के सोनीपत जिले के गोहाना के अशोक कुमार मलिक ने पुरुषों की 65 किलोग्राम पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में 192 किलोग्राम वजन उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने पिछले संस्करण के ब्रॉन्ज मेडल के मुकाबले इस बार बेहतर प्रदर्शन किया।
तैराकी और टेबल टेनिस में भी मिली सफलता
तैराकी में हिमांशु नंदल ने पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल S11 स्पर्धा में 5 मिनट 10.91 सेकंड के समय के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। वहीं, निरंजन मुकुंदन ने पुरुषों की 200 मीटर मेडले SM7 स्पर्धा में 2 मिनट 57.01 सेकंड का समय निकालकर ब्रॉन्ज हासिल किया। टेबल टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ियों ने इतिहास रचा। रवि बेबी सहाना और प्राची पांडे स्टैंडिंग कैटेगरी में पोडियम पर पहुंचने वाले भारत के पहले खिलाड़ी बने। भाविना पटेल, सोनलबेन पटेल, प्राची और सहाना के ब्रॉन्ज मेडल के साथ भारत ने टेबल टेनिस में कुल चार पदक जीते।