दशहरा हो या कोई दूसरा त्योहार, DJ की तेज बीट्स पर नाचना लोगों को खूब पसंद आता है। लेकिन तेज आवाज और भारी बेस वाले साउंड सिस्टम के सामने ज्यादा देर तक रहना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ध्वनि प्रदूषण का असर केवल कानों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि दिल, दिमाग और नींद पर भी पड़ सकता है। तेज आवाज शरीर में तनाव बढ़ा सकती है और कुछ लोगों को घबराहट या बेचैनी महसूस हो सकती है। इसलिए त्योहार का आनंद लेते समय शोर के स्तर और अपनी सेहत का ध्यान रखना जरूरी है।
तेज आवाज से बढ़ सकता है ब्लड प्रेशर
विशेषज्ञों के मुताबिक, बहुत तेज आवाज के संपर्क में आने से शरीर में तनाव से जुड़े हार्मोन का स्तर बढ़ सकता है। इससे कुछ समय के लिए दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर बढ़ सकते हैं। जिन लोगों को पहले से हाई ब्लड प्रेशर या दिल की बीमारी है, उनके लिए तेज शोर परेशानी बढ़ा सकता है। लंबे समय तक ध्वनि प्रदूषण के संपर्क में रहने का संबंध हृदय संबंधी समस्याओं के बढ़ते जोखिम से भी पाया गया है। हालांकि, केवल तेज आवाज सुनने से हर व्यक्ति को हार्ट अटैक हो जाएगा, ऐसा कहना सही नहीं है।
दिमाग और मानसिक सेहत पर भी असर
तेज DJ की आवाज और लगातार भारी बेस वाली बीट्स मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकती हैं। इसके कारण सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, बेचैनी और किसी काम पर ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों को नींद आने में दिक्कत भी हो सकती है। लगातार तेज शोर के बीच रहने से तनाव बढ़ सकता है और मानसिक सुकून प्रभावित हो सकता है। अगर तेज आवाज के दौरान घबराहट या असहजता महसूस होने लगे, तो तुरंत स्पीकर से दूर किसी शांत जगह पर चले जाएं।
बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा सावधानी जरूरी
दिल की बीमारी से जूझ रहे लोगों को तेज DJ और भारी साउंड सिस्टम से दूरी बनाए रखनी चाहिए। इसके अलावा छोटे बच्चे, बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग भी तेज शोर के प्रति ज्यादा संवेदनशील हो सकते हैं। बच्चों के कानों को तेज आवाज से नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। इसलिए उन्हें बड़े स्पीकर के पास खड़ा न होने दें। त्योहार के दौरान साउंड सिस्टम से उचित दूरी बनाए रखें और ज्यादा शोर वाली जगह पर लंबे समय तक रुकने से बचें।
कानों में आवाज और सीने में दर्द को न करें नजरअंदाज
तेज आवाज के संपर्क में रहने के बाद अगर कानों में घंटी बजने जैसी आवाज आए या सुनने में परेशानी हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी या अचानक तेज घबराहट जैसे लक्षण भी गंभीर हो सकते हैं। सीने में दर्द या सांस लेने में गंभीर दिक्कत होने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। DJ के पास खड़े होने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर कानों की सुरक्षा के लिए उपयुक्त ईयरप्लग का इस्तेमाल करें।
ध्वनि प्रदूषण से बचने के लिए अपनाएं ये उपाय
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित शोधों में ध्वनि प्रदूषण और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बीच संबंध पर चर्चा की गई है। कुछ अध्ययनों में लगातार शोर के संपर्क को तनाव और नींद की समस्याओं से जोड़ा गया है। वहीं, जानवरों पर किए गए प्रयोगों के नतीजों को सीधे इंसानों पर लागू नहीं किया जा सकता। सेहत सुरक्षित रखने के लिए DJ की आवाज निर्धारित सीमा में रखें, स्पीकर से दूरी बनाए रखें और तेज शोर के बीच समय-समय पर शांत जगह पर जाएं। याद रखें, त्योहार का असली मजा तभी है जब सेहत भी सुरक्षित रहे।