Healthy Diet: बढ़ता मोटापा बन सकता है कैंसर की वजह? लिवर से ब्रेस्ट तक 6 तरह के कैंसर का बढ़ सकता है खतरा, जानें बचाव के तरीके

आजकल मोटापे की समस्या तेजी से बढ़ रही है। गलत खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, देर रात तक जागना और ज्यादा तनाव इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। जब शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने लगता है, तो इसका असर सेहत पर पड़ता है। चलने, सीढ़ियां चढ़ने और रोजमर्रा के काम करने में भी परेशानी हो सकती है। मोटापा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। इसके अलावा, यह कुछ प्रकार के कैंसर के जोखिम से भी जुड़ा हुआ है।

मोटापे और कैंसर के बीच क्या है संबंध?

विशेषज्ञों के मुताबिक, मोटापे को केवल वजन बढ़ने की समस्या समझना सही नहीं है। शरीर में जरूरत से ज्यादा फैट जमा होने से लंबे समय तक सूजन बनी रह सकती है। इसके अलावा, हार्मोन का संतुलन बिगड़ सकता है और शरीर में ऊर्जा के इस्तेमाल की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। ये बदलाव कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ाने में भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि मोटापे से पीड़ित हर व्यक्ति को कैंसर होगा। मोटापा कैंसर के जोखिम को बढ़ाने वाले कई कारकों में से एक है।

WHO ने मोटापे को लेकर क्या बताया?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, मोटापा दुनिया भर में एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में लगभग 1.1 अरब लोग मोटापे से प्रभावित हैं। मोटापे के कारण टाइप-2 डायबिटीज, हृदय रोग और लिवर व किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। इसके साथ ही कुछ प्रकार के कैंसर का जोखिम भी बढ़ता है। इसलिए समय रहते वजन को नियंत्रित रखना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना जरूरी है। खानपान और दिनचर्या में सुधार करके कई बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

मोटापे से किन 6 कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है?

मोटापे का संबंध कई प्रकार के कैंसर से पाया गया है। इनमें लिवर कैंसर, किडनी कैंसर, पैंक्रियाज कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, कोलोरेक्टल यानी बड़ी आंत का कैंसर और एंडोमेट्रियल यानी गर्भाशय की अंदरूनी परत का कैंसर शामिल हैं। शरीर में अतिरिक्त फैट और उससे होने वाले हार्मोनल बदलाव कुछ कैंसर के विकसित होने की आशंका बढ़ा सकते हैं। हालांकि, कैंसर होने के पीछे कई कारण होते हैं। इसलिए केवल वजन के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि किसी व्यक्ति को कैंसर होगा ही।

हेल्दी डाइट से वजन पर रखें नियंत्रण

मोटापे से बचने के लिए खानपान में सुधार करना जरूरी है। ज्यादा चीनी, नमक, तले हुए खाद्य पदार्थ और अनहेल्दी फैट का सेवन सीमित रखें। अपनी डाइट में साबुत अनाज, दालें, हरी सब्जियां, फल और मेवे शामिल करें। इसके साथ ही नियमित रूप से शारीरिक गतिविधियां करें। रोजाना 30 से 40 मिनट पैदल चलना, साइकिल चलाना, जॉगिंग या योग करना फायदेमंद हो सकता है। अगर आपका ज्यादातर समय बैठकर गुजरता है, तो हर 30 से 40 मिनट में उठकर कुछ देर टहलें और शरीर को स्ट्रेच करें।

अच्छी नींद और व्यायाम भी जरूरी

वजन नियंत्रित रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना भी जरूरी है। अनियमित नींद से भूख और ऊर्जा को नियंत्रित करने वाले हार्मोन प्रभावित हो सकते हैं, जिससे वजन बढ़ने की आशंका रहती है। इसलिए सोने और जागने का समय नियमित रखें और तनाव कम करने की कोशिश करें। अगर वजन लगातार बढ़ रहा है, तो डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लें। याद रखें, संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और पर्याप्त नींद मोटापे से जुड़ी बीमारियों का जोखिम कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे कैंसर का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता, लेकिन स्वस्थ रहने में मदद मिलती है।

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Author: The Hindi Post