UP Election 2027: वोटर लिस्ट पर अखिलेश यादव का बड़ा अलर्ट, फर्जी वोटरों पर नजर रखने उतरे सपा कार्यकर्ता, 24 अक्टूबर को फिर शिविर

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मतदाता सूची को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद चुनाव आयोग पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए विशेष पंजीकरण शिविर लगा रहा है। 17 अक्टूबर को प्रदेशभर में शिविर आयोजित किए गए, जबकि अगला शिविर 24 अक्टूबर को लगाया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन लोगों को मतदाता सूची में शामिल करना है, जिनका नाम अब तक दर्ज नहीं हो पाया है। पहली बार वोट देने वाले युवाओं को भी इसका लाभ मिलेगा।

अखिलेश यादव ने कार्यकर्ताओं को दिए निर्देश

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी के बूथ प्रभारियों और PDA प्रहरियों से मतदाता पंजीकरण अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मतदाता सूची पर नजर रखने और यह सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल न हो। साथ ही, सभी पात्र नागरिकों को अपना नाम जुड़वाने का अवसर मिलना चाहिए। सपा प्रमुख पहले भी मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठा चुके हैं।

लखनऊ के पोलिंग स्टेशन पहुंचे सपा नेता

विशेष पंजीकरण अभियान के पहले दिन समाजवादी पार्टी के नेता दीपक रंजन लखनऊ स्थित ब्राइटवे पोलिंग स्टेशन पहुंचे। उन्होंने बताया कि वह अखिलेश यादव के निर्देश पर यहां आए हैं। उनके मुताबिक, अभियान के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर नजर रखी जा रही है। सपा कार्यकर्ताओं का जोर इस बात पर है कि पात्र मतदाताओं के नाम ही सूची में शामिल हों और किसी भी तरह की गड़बड़ी की आशंका को दूर किया जा सके।

सुबह से मिले फॉर्म 6 के 15-16 आवेदन

ब्राइटवे पोलिंग स्टेशन पर तैनात बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के मुताबिक, शनिवार सुबह से नए मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फॉर्म 6 के 15 से 16 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसके अलावा कुछ लोगों ने ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन किया। फॉर्म 6 का इस्तेमाल मतदाता सूची में पहली बार नाम दर्ज कराने या पात्रता के आधार पर नाम शामिल कराने के लिए किया जाता है। ऐसे शिविर उन नागरिकों के लिए उपयोगी हैं, जो किसी कारण से पहले मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा पाए।

SIR और विशेष शिविर में क्या है अंतर?

BLO की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, विशेष पंजीकरण शिविर और SIR प्रक्रिया में कुछ अंतर हैं। शिविर में फॉर्म 6 भरने वाले आवेदकों को वर्ष 2003 की मतदाता सूची का विवरण देने की जरूरत नहीं होने की बात कही गई है। वहीं, जन्मतिथि के प्रमाण के लिए आधार कार्ड को भी एक विकल्प के रूप में स्वीकार किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, दस्तावेजों की सटीक जरूरत और पात्रता की पुष्टि संबंधित निर्वाचन अधिकारी से करना उचित रहेगा।

24 अक्टूबर को फिर मिलेगा मौका

मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के इच्छुक पात्र नागरिकों के लिए 24 अक्टूबर को एक और विशेष शिविर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान लोग संबंधित बूथ पर जाकर आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ले सकते हैं। चुनाव से पहले मतदाता सूची में अपना नाम जांचना और किसी त्रुटि की स्थिति में समय रहते सुधार कराना जरूरी है। वहीं, समाजवादी पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं से अभियान पर नजर रखने और पात्र मतदाताओं की मदद करने की अपील की है। इस पूरी प्रक्रिया पर चुनावी माहौल में राजनीतिक दलों की निगाहें बनी हुई हैं।

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Author: The Hindi Post