Voter List में नाम जोड़ने का बड़ा मौका! 17 राज्यों में चुनाव आयोग का अभियान, जानें तारीखें और जरूरी नियम

चुनाव आयोग ने 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इस अभियान के तहत नए मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, गलत जानकारियों में सुधार होगा और अपात्र प्रविष्टियों की जांच की जाएगी। एक जनवरी 2027 को पात्रता तारीख मानकर मतदाता सूची अपडेट की जाएगी। ऐसे में पात्र नागरिकों के लिए अपना नाम जुड़वाने और विवरण सही कराने का यह अहम मौका है।

इन 17 राज्यों में अपडेट होगी वोटर लिस्ट

इस अभियान में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गोवा, मणिपुर, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल हैं। आयोग ने संबंधित राज्यों के अधिकारियों को नए मतदाताओं का पंजीकरण और मतदाता सूची की जांच समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। इनमें वे राज्य भी हैं, जहां अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

12 नवंबर को आएगी मसौदा मतदाता सूची

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान केंद्रों के पुनर्गठन की प्रक्रिया दो नवंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर को मसौदा मतदाता सूची जारी होगी। नागरिक 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक नाम जोड़ने, सुधार कराने या किसी प्रविष्टि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए आवेदन कर सकेंगे। दावों और आपत्तियों का निपटारा 28 दिसंबर तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी 2027 को प्रकाशित होगी।

नाम जुड़वाने और सुधार के लिए कौन-सा फॉर्म?

मतदाता सूची में नया नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6 भरना होगा। विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाता फॉर्म-6ए का इस्तेमाल कर सकते हैं। किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति या नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 और पते, व्यक्तिगत जानकारी या मतदाता पहचान पत्र में बदलाव के लिए फॉर्म-8 का उपयोग होगा। दिव्यांग मतदाता के रूप में पहचान दर्ज कराने के लिए भी फॉर्म-8 इस्तेमाल किया जा सकता है। आवेदन वोटर सर्विस पोर्टल और ECINET ऐप के जरिए भी किए जा सकेंगे।

आधार देना जरूरी नहीं, नाम हटाने पर जांच

चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि आधार नंबर देना स्वैच्छिक है। आधार नहीं होने पर किसी पात्र नागरिक का नाम जोड़ने से इनकार नहीं किया जा सकता। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने में भी सावधानी बरती जाएगी। किसी मतदान केंद्र के दो प्रतिशत से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने के मामलों में निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को व्यक्तिगत सत्यापन करना होगा। मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित या दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के मामलों में भी जरूरी जांच और कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा।

मतदान केंद्रों पर भी लागू होंगे नए निर्देश

आयोग के मुताबिक, सामान्य परिस्थितियों में एक मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। नए केंद्र बनाने या पुराने केंद्रों में बदलाव से पहले भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। परिवार के सदस्यों के नाम एक ही सेक्शन में रखने और मतदान केंद्र तक पहुंच आसान बनाने पर भी जोर दिया गया है। प्रस्तावों पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से चर्चा होगी और दावों-आपत्तियों की सूचियां उनके साथ साझा की जाएंगी।

युवाओं और वंचित वर्गों पर खास ध्यान

आयोग पहली बार मतदान करने वाले युवाओं के पंजीकरण पर विशेष जोर दे रहा है। एक जनवरी 2027 के अलावा एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 की पात्रता तारीखों के लिए भी अग्रिम आवेदन लिए जाएंगे। महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों और वंचित समूहों को सूची में शामिल करने के लिए सहायता शिविर भी लगाए जा सकते हैं। कुछ अन्य राज्यों और हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर तथा लद्दाख में पुनरीक्षण का कार्यक्रम बाद में घोषित होगा। आयोग का लक्ष्य पात्र मतदाताओं के नाम जोड़ना और मतदाता सूची को अधिक सटीक बनाना है।

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Author: The Hindi Post