जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बसोहली इलाके में CISF कैंप में मंगलवार को फायरिंग की गंभीर घटना सामने आई। यह कैंप सेवा हाइडल पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए तैनात CISF यूनिट से जुड़ा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक CISF जवान ने अपने साथियों पर गोली चला दी। इस घटना में चार जवानों की मौत हो गई।
चार जवानों की हुई मौत
मृतकों में असिस्टेंट कमांडेंट और कंपनी कमांडर अंकित कुमार पांडे, सब-इंस्पेक्टर लक्ष्मण सिंह और दो कांस्टेबल शामिल हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, घायल जवानों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया था, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई और अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
साथी जवान पर फायरिंग का आरोप
पुलिस ने एक साथी CISF जवान को हिरासत में लिया है। शुरुआती रिपोर्टों में बताया गया है कि जवानों के बीच किसी बात को लेकर बहस हुई थी, जिसके बाद फायरिंग शुरू हुई। हालांकि, गोलीबारी के पीछे असल वजह क्या थी, यह अभी साफ नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में थी तैनाती
CISF के जवान कठुआ के सेवा हाइडल पावर प्रोजेक्ट की सुरक्षा में तैनात थे। यह घटना कैंप के भीतर हुई, इसलिए शुरुआती जांच में इसे किसी बाहरी हमले के बजाय जवानों के बीच हुई फायरिंग का मामला माना जा रहा है। हालांकि, जांच पूरी होने तक घटना के कारण और परिस्थितियों को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पुलिस और CISF ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। अधिकारियों की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि फायरिंग किस घटनाक्रम के बाद शुरू हुई और उस समय कैंप में क्या हुआ था। CISF की ओर से भी मामले की आंतरिक जांच की जा रही है।
फायरिंग की असली वजह अभी सामने नहीं
इस घटना को लेकर कई जानकारियां सामने आ रही हैं, लेकिन फायरिंग की सटीक वजह अभी जांच का विषय है। पुलिस और CISF की जांच पूरी होने के बाद ही घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल चार जवानों की मौत ने सुरक्षा बलों में शोक का माहौल पैदा कर दिया है और मामले की जांच जारी है।