नींद के दौरान हमारा दिमाग पूरी तरह बंद नहीं होता, बल्कि कई प्रक्रियाएं लगातार चलती रहती हैं। इसी वजह से सपने आते हैं और कुछ लोग सोते समय बोलने या बड़बड़ाने लगते हैं। कई बार व्यक्ति को खुद पता भी नहीं चलता कि वह नींद में बोल रहा है। सुबह उठने के बाद इसकी जानकारी अक्सर परिवार के लोगों से मिलती है।
सोमनीलोक्वी क्या होती है?
नींद में बोलने या बड़बड़ाने की समस्या को सोमनीलोक्वी (Somniloquy) कहा जाता है। इसे पैरासोमनिया यानी नींद से जुड़ी असामान्य गतिविधियों की श्रेणी में रखा जाता है। ज्यादातर मामलों में यह समस्या गंभीर नहीं होती और व्यक्ति की सेहत पर कोई बड़ा असर नहीं डालती। कुछ लोग सिर्फ कुछ शब्द बोलते हैं, जबकि कुछ लोग पूरी बातचीत जैसी आवाजें भी निकाल सकते हैं।
सपनों से भी जुड़ी हो सकती है समस्या
नींद में बड़बड़ाने का संबंध कई बार सपनों से भी होता है। सपने के दौरान दिमाग अलग-अलग भावनाओं और घटनाओं को प्रोसेस करता है। इसी दौरान व्यक्ति अनजाने में बोल सकता है। कुछ लोगों में नींद में बोलने के साथ हाथ-पैर हिलाने जैसी गतिविधियां भी देखी जा सकती हैं। खासकर डरावने सपनों के दौरान ऐसी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
तनाव और चिंता बन सकती है बड़ी वजह
तनाव और चिंता को नींद में बड़बड़ाने की प्रमुख वजहों में माना जाता है। दिनभर की परेशानियां, भावनाएं और घटनाएं दिमाग में बनी रह सकती हैं। सोने के दौरान दिमाग इन यादों और अनुभवों को व्यवस्थित करने की प्रक्रिया में रहता है। ऐसे में कुछ लोगों में बोलने या बड़बड़ाने जैसी गतिविधियां दिखाई दे सकती हैं। हालांकि हर व्यक्ति में इसकी वजह अलग हो सकती है।
रोज ऐसा हो तो ध्यान देना जरूरी
कभी-कभार नींद में बोलना आम बात हो सकती है, लेकिन अगर यह लगातार होने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर अगर इसके साथ बार-बार बुरे सपने, नींद टूटना, बहुत ज्यादा बेचैनी या दिनभर थकान जैसी समस्या भी हो। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर रहता है, ताकि नींद से जुड़ी किसी दूसरी समस्या की संभावना को समझा जा सके।
अच्छी नींद के लिए बदलें कुछ आदतें
नींद में बड़बड़ाने को पूरी तरह रोकना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन नींद की अच्छी आदतें मदद कर सकती हैं। रोज एक समय पर सोने और जागने की कोशिश करें। सोने से पहले शराब, चाय और कॉफी से बचें। बेडरूम का माहौल शांत और आरामदायक रखें। किताब पढ़ना, हल्का संगीत सुनना या कुछ देर रिलैक्स करना भी दिमाग को शांत करने में मदद कर सकता है।