Maratha Reservation पर मनोज जरांगे का बड़ा ऐलान, 15 सितंबर से मुंबई कूच, 19 को आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल

मराठा आरक्षण आंदोलन के कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल ने शनिवार को बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वह 15 सितंबर को जालना जिले के अंतरवाली सरती से मुंबई की ओर मार्च शुरू करेंगे। जरांगे ने यह फैसला वहां मौजूद समर्थकों से राय लेने के बाद किया। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या आंदोलन को अंतरवाली में ही जारी रखा जाए या फिर मुंबई जाकर अपनी मांग रखी जाए। समर्थकों ने मुंबई जाने के पक्ष में नारे लगाए।

जरांगे ने आंदोलन को बताया आखिरी लड़ाई

जरांगे पाटिल ने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी भूख हड़ताल का यह 15वां दिन है। उन्होंने बताया कि तबीयत खराब होने के बावजूद वह आंदोलन जारी रखे हुए हैं और सलाइन ड्रिप की मदद से लोगों से बात कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि समुदाय के लिए यह लड़ाई बेहद अहम है और आंदोलन से जुड़े लोगों को उन ताकतों की सोच को भी समझना चाहिए, जो उनकी मांगों के खिलाफ काम कर रही हैं।

मुंबई पहुंचने से पहले चार जगह रुकेंगे

जरांगे ने बताया कि बड़ी संख्या में वाहन और समर्थक मार्च में शामिल होंगे। ऐसे में एक ही दिन में मुंबई पहुंचना मुश्किल होगा। इसलिए मार्च को कई चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा। तय योजना के मुताबिक पहला पड़ाव बीड जिले का पटोदा होगा। इसके बाद मार्च अहिल्यानगर के श्रीगोंदा, पुणे के हड़पसर और रायगढ़ जिले के खोपोली पहुंचेगा। इसके बाद प्रदर्शनकारी मुंबई की तरफ आगे बढ़ेंगे।

समर्थकों की मांग पर बढ़ सकता है रूट

जरांगे के मुताबिक अलग-अलग इलाकों से जुड़े समर्थकों ने भी मांग की है कि उनके क्षेत्रों को मार्च के रास्ते में शामिल किया जाए। ऐसे में आगे रूट में बदलाव या नए पड़ाव जुड़ने की संभावना है। उन्होंने समर्थकों से कहा कि यात्रा के दौरान लक्ष्य मुंबई पहुंचना और अपनी मांगों के लिए मजबूती से आवाज उठाना है। उन्होंने यह भी कहा कि भीड़ को देखते हुए मार्च को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना जरूरी होगा।

19 सितंबर से आजाद मैदान में भूख हड़ताल

जरांगे पाटिल ने कहा कि मुंबई पहुंचने के बाद वह 19 सितंबर से आजाद मैदान में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उनके मुताबिक मार्च का उद्देश्य केवल मुंबई पहुंचना नहीं, बल्कि मराठा आरक्षण की मांग को लेकर सरकार के सामने अपनी बात मजबूती से रखना है। उन्होंने समर्थकों से आंदोलन के मुद्दे पर अपना ध्यान बनाए रखने की अपील की है।

बच्चों के भविष्य के लिए आंदोलन

जरांगे ने कहा कि यह आंदोलन समुदाय के बच्चों के बेहतर भविष्य को सुरक्षित करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने समर्थकों से एकजुट रहने और शांतिपूर्वक आंदोलन को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। अब 15 सितंबर से शुरू होने वाले मार्च पर नजर रहेगी। इसके साथ ही 19 सितंबर को आजाद मैदान में प्रस्तावित भूख हड़ताल को लेकर भी राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ने की संभावना है।

The Hindi Post
Author: The Hindi Post