भारत का विदेशी मुद्रा भंडार एक बार फिर रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुताबिक, 4 सितंबर को खत्म हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 44.90 अरब डॉलर बढ़कर 785.71 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले 28 अगस्त वाले सप्ताह में भी इसमें 11.47 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी।
लगातार दूसरे सप्ताह बड़ी बढ़ोतरी
विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह तेज वृद्धि देखने को मिली है। 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में यह 740.80 अरब डॉलर था। इसके बाद एक ही सप्ताह में इसमें करीब 45 अरब डॉलर का इजाफा हुआ। विदेशी मुद्रा भंडार का मजबूत होना देश की बाहरी आर्थिक स्थिति के लिए अहम माना जाता है और इससे विदेशी भुगतान संबंधी जरूरतों को संभालने में मदद मिलती है।
FCA में सबसे बड़ी उछाल दर्ज
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में सबसे बड़ा हिस्सा Foreign Currency Assets (FCA) का होता है। 4 सितंबर वाले सप्ताह में FCA में 47.498 अरब डॉलर की बड़ी बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 648.17 अरब डॉलर पहुंच गया। मार्च 2026 के अंत की तुलना में FCA में 95.886 अरब डॉलर की वृद्धि हुई है, जबकि एक साल में इसमें 63.692 अरब डॉलर का इजाफा हुआ है।
सोने के भंडार में आई गिरावट
जहां विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में तेज बढ़ोतरी हुई, वहीं भारत के गोल्ड रिजर्व में कमी दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान सोने का भंडार 2.594 अरब डॉलर घटकर 113.816 अरब डॉलर रह गया। हालांकि, एक साल पहले की तुलना में गोल्ड रिजर्व अभी भी 23.517 अरब डॉलर ज्यादा है। मार्च 2026 के अंत के मुकाबले इसमें 1.580 अरब डॉलर की कमी आई है।
IMF के आंकड़ों में भी बड़ा बदलाव
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष यानी IMF में भारत की रिजर्व पोजिशन 2 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.916 अरब डॉलर हो गई। वहीं Special Drawing Rights (SDRs) में 4 मिलियन डॉलर की मामूली गिरावट आई और यह 18.806 अरब डॉलर रह गया। हालांकि, मार्च के अंत और पिछले साल की तुलना में दोनों आंकड़ों में कुल मिलाकर बढ़त दर्ज की गई है।
एक साल में 87.438 अरब डॉलर बढ़ा रिजर्व
कुल मिलाकर भारत का विदेशी मुद्रा भंडार मार्च 2026 के अंत से 94.599 अरब डॉलर बढ़ चुका है। वहीं, एक साल पहले के मुकाबले इसमें 87.438 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। ताजा आंकड़े बताते हैं कि भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में फिलहाल मजबूत वृद्धि देखने को मिल रही है।