ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली पहुंचे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनसे यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की जरूरत पर बात की। पीएम मोदी ने कहा कि भारत हमेशा शांति के पक्ष में रहा है और युद्ध का समाधान बातचीत के जरिए होना चाहिए। दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष जारी है।
यूरोप ने यूक्रेन को दी बड़ी सैन्य मदद
दिलचस्प बात यह है कि जिस समय मोदी और पुतिन युद्ध खत्म करने की बात कर रहे थे, उसी दौरान यूरोपीय यूनियन ने यूक्रेन के लिए बड़ी सहायता राशि का ऐलान किया। यूरोपीय यूनियन की प्रमुख उर्सुला वॉन डेर लेयेन के मुताबिक, यूक्रेन की हवाई क्षमता मजबूत करने के लिए करीब 6.1 अरब यूरो की मदद दी जाएगी। भारतीय मुद्रा में यह राशि करीब 67,575 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
ड्रोन और मिसाइल खरीद सकेगा यूक्रेन
यूरोपीय यूनियन की इस सहायता का इस्तेमाल यूक्रेन हथियार और रक्षा उपकरण खरीदने में करेगा। इसमें ड्रोन और मिसाइलों के साथ हवाई सुरक्षा से जुड़े उपकरण भी शामिल हैं। ईयू का कहना है कि इस पैकेज से यूक्रेन रूस के हवाई हमलों से अपने आसमान की बेहतर सुरक्षा कर सकेगा। इसके तहत यूक्रेन पैट्रियट सिस्टम से जुड़े जरूरी उपकरण भी खरीद सकता है।
कनाडा ने भी बढ़ाया यूक्रेन का साथ
यूक्रेन को सैन्य सहायता देने वालों में कनाडा भी शामिल है। 10 सितंबर को कनाडा ने यूक्रेन को करीब 2,420 करोड़ रुपये की सहायता देने पर सहमति जताई। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि यह मदद यूक्रेन के डिफेंस सिस्टम को मजबूत करने के लिए दी जाएगी। उनके मुताबिक, रूस के बढ़ते हवाई हमलों के बीच यूक्रेन की हवाई सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।
ब्रिक्स मीटिंग के लिए दिल्ली पहुंचे पुतिन
व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली पहुंचे हैं। भारत दौरे के दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ द्विपक्षीय बातचीत भी होगी। रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह दूसरी बार है, जब पुतिन नई दिल्ली आए हैं। इससे पहले वह दिसंबर 2025 में भारत पहुंचे थे। उनकी इस यात्रा पर पूरी दुनिया की नजर है।
2022 से जारी है रूस-यूक्रेन युद्ध
रूस और यूक्रेन के बीच फरवरी 2022 से युद्ध जारी है। इस संघर्ष में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है और बड़ी संख्या में लोगों की जान गई है। रूस ने यूक्रेन के कई इलाकों पर कब्जा किया है, जबकि यूक्रेन लगातार रूसी ठिकानों पर हमले कर रहा है। ऐसे में एक तरफ शांति की कोशिशों की चर्चा है, तो दूसरी तरफ पश्चिमी देशों की सैन्य मदद भी जारी है।