राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने गाजियाबाद जासूसी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लखनऊ की स्पेशल NIA कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। चार्जशीट में प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार, समीर उर्फ शूटर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और शेन इरम उर्फ महक समेत आरोपी शामिल हैं। इस मामले में अब तक कुल 21 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
देश की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर धाराएं
NIA ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) और 152, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3 और 5 तथा UAPA की धारा 13, 17 और 18 के तहत कार्रवाई की है। जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने भारत की संप्रभुता, एकता, अखंडता और सुरक्षा को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों की साजिश रची थी। मामले में पांच नाबालिग भी शामिल हैं, जिनकी विस्तृत जांच रिपोर्ट 18 मई 2026 को गाजियाबाद के JJB को दी जा चुकी है।
संवेदनशील जगहों की कर रहे थे जासूसी
जांच में सामने आया कि आरोपी प्रतिबंधित और संवेदनशील इलाकों में कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से पहुंचते थे। वहां जासूसी कैमरे लगाए जाते थे और महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जाती थी। रेलवे स्टेशनों, सुरक्षा बलों के ठिकानों और दूसरे अहम प्रतिष्ठानों की तस्वीरें और वीडियो बनाए गए। इन तस्वीरों और वीडियो के साथ जियो-टैग और GPS लोकेशन जैसी सटीक जानकारी भी जुटाई जाती थी।
विदेशी संपर्कों को भेजी जा रही थी जानकारी
NIA के अनुसार, जुटाई गई संवेदनशील जानकारी विदेश में मौजूद संपर्कों तक पहुंचाई जा रही थी। आरोपियों ने कथित तौर पर दुश्मन देश से जुड़े लोगों के लिए भारतीय SIM कार्ड हासिल करने और उनका इस्तेमाल कराने में भी मदद की। जांच एजेंसी का आरोप है कि नेटवर्क में शामिल लोग संवेदनशील जगहों की जानकारी जुटाने के अलावा दूसरे युवाओं को भी इस गतिविधि में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे थे।
14 मार्च को शुरू हुई पुलिस की कार्रवाई
मामला 14 मार्च 2026 को गाजियाबाद के कौशांबी थाने में दर्ज हुआ। भोवापुर इलाके के कुछ युवाओं की संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। शुरुआत में पांच पुरुषों और एक महिला को गिरफ्तार किया गया। उनके मोबाइल फोन की जांच में संवेदनशील स्थानों से जुड़े फोटो, वीडियो और लोकेशन डेटा मिला। इसके बाद मामले की जांच के लिए SIT बनाई गई और आरोपियों से पूछताछ शुरू हुई।
नौशाद की गिरफ्तारी से खुला नेटवर्क
जांच आगे बढ़ने पर 20 मार्च को नौ और संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की गई, जिनमें पांच नाबालिग भी थे। मुख्य आरोपी नौशाद अली उर्फ लालू को 22 मार्च को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मीरा नाम की महिला और एक नाबालिग के बारे में भी जानकारी मिली। NIA के मुताबिक, पूछताछ और जांच से यह सामने आया कि पूरा नेटवर्क सीमा पार मौजूद कथित पाकिस्तान हैंडलर्स के निर्देश पर काम कर रहा था।