Jaishankar- Sybiha की मुलाकात में रूस-यूक्रेन युद्ध पर बड़ी बात, भारत ने फिर दिया संवाद से समाधान का साफ संदेश

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा से मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध, वाणिज्यिक जहाजों पर हमले, मानवीय सहायता और भारत-यूक्रेन संबंधों को लेकर चर्चा हुई। जयशंकर ने कीव में दो दिन पहले हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत पर दुख जताया और उसके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

भारत ने फिर दोहराया संवाद का रास्ता

जयशंकर ने कहा कि भारत लगातार मानता रहा है कि यह युद्ध का युग नहीं है और किसी भी विवाद का समाधान युद्ध के मैदान से नहीं निकलेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संदेश का जिक्र करते हुए कहा कि अंतहीन युद्ध को अब युद्ध खत्म होने का रास्ता देना चाहिए। भारत युद्ध रोकने के लिए संवाद और कूटनीति के जरिए किसी भी तरह की मदद करने को तैयार है।

कमर्शियल जहाजों पर हमलों की चिंता

बैठक में वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों का मुद्दा भी उठा। जयशंकर ने कहा कि कई भारतीय नाविक अलग-अलग देशों के झंडे वाले जहाजों पर काम करते हैं और ऐसे हमलों में भारतीय नाविक भी प्रभावित हुए हैं। शिपिंग पर हमलों का असर ग्लोबल साउथ के कई देशों पर पड़ रहा है। इससे ईंधन, खाद और खाद्य सामग्री की आपूर्ति पर भी दबाव बढ़ रहा है।

यूक्रेन को भारत की मानवीय मदद

जयशंकर ने बताया कि भारत अब तक यूक्रेन को मानवीय सहायता की 19 खेप भेज चुका है। इन खेपों में करीब 160 टन सामग्री शामिल है। इसमें जनरेटर, दवाइयां और चिकित्सा उपकरण जैसी जरूरी चीजें भेजी गई हैं। भारत ने युद्ध के बीच यूक्रेन के लोगों के लिए मानवीय सहायता जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

व्यापार और छात्रों पर भी हुई चर्चा

भारत और यूक्रेन के बीच व्यापार में फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य एवं कृषि, उर्वरक, मशीनरी, रसायन और उपभोक्ता वस्तुएं शामिल हैं। युद्ध और लॉजिस्टिक चुनौतियों के कारण पिछले चार साल में दोनों देशों के व्यापार पर असर पड़ा है, लेकिन संबंधों में लचीलापन बना हुआ है। जयशंकर ने यूक्रेन में पढ़ रहे भारतीय छात्रों की देखभाल के लिए वहां के अधिकारियों को धन्यवाद भी दिया।

AI और स्टार्टअप में बढ़ेगा सहयोग

दोनों देशों के बीच भविष्य के सहयोग के लिए डिजिटल क्षमता, इनोवेशन, स्टार्टअप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों पर भी जोर दिया गया। AI के जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और गवर्नेंस में नए सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं। जयशंकर ने यूक्रेन के विदेश मंत्री को भारत आने का न्योता भी दिया। अगली अंतर-सरकारी आयोग की बैठक भारत में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा गया है।

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Author: The Hindi Post