Padikkal के दो शतक ने मचाई खलबली, अब सुदर्शन की वापसी के बाद किसे मिलेगा नंबर-3 का टिकट?

श्रीलंका दौरे पर देवदत्त पडिक्कल ने अपने बल्ले से ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने टीम इंडिया में उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज कर दी है। दो टेस्ट मैचों में दो शतक लगाकर पडिक्कल ने दिखा दिया कि मुश्किल परिस्थितियों में भी वह बड़ी पारी खेल सकते हैं। गॉल के बाद कोलंबो में भी शतक लगाने से अब सवाल उठ रहा है कि क्या नंबर-3 पर उनकी जगह पक्की हो सकती है।

मुश्किल पिच पर दिखाया बल्लेबाजी का दम

पडिक्कल की सबसे बड़ी खासियत उनका मजबूत डिफेंस और परिस्थिति के हिसाब से बल्लेबाजी करने की क्षमता है। वह शुरुआत में धैर्य के साथ खेलते हैं और क्रीज पर नजरें जमने के बाद तेजी से रन बनाते हैं। स्पिन हो या तेज गेंदबाजी, पडिक्कल दोनों के खिलाफ नियंत्रण के साथ बल्लेबाजी करते नजर आए हैं। यही संतुलन उन्हें टेस्ट क्रिकेट के लिए खास बनाता है।

नंबर-3 की रेस में मजबूत दावेदारी

पडिक्कल को फिलहाल साई सुदर्शन की चोट के कारण मौका मिला था, लेकिन उन्होंने इस मौके को शानदार तरीके से भुनाया। लगातार दो शतक के बाद टीम मैनेजमेंट के लिए उन्हें बाहर करना आसान नहीं होगा। अगर पडिक्कल इसी तरह प्रदर्शन जारी रखते हैं तो नंबर-3 की जगह के लिए उनकी दावेदारी काफी मजबूत हो सकती है। साई सुदर्शन की वापसी के बाद मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है।

विदेश में भी काम आ सकती है तकनीक

पडिक्कल की बल्लेबाजी तकनीक उन्हें सिर्फ स्पिन वाली पिचों का खिलाड़ी नहीं बनाती। वह तेज गेंदबाजों के खिलाफ भी शॉर्ट गेंदों को संभाल सकते हैं और जरूरत पड़ने पर गेंद को छोड़ने का धैर्य रखते हैं। यही वजह है कि आने वाली विदेशी टेस्ट सीरीज में भी उन्हें मौका मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। तेज पिचों पर उनकी असली परीक्षा जरूर होगी।

वनडे में भी रन मशीन बन सकते हैं

पडिक्कल का टैलेंट सिर्फ टेस्ट क्रिकेट तक सीमित नहीं है। लिस्ट-A क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड शानदार है। वह 41 पारियों में 13 शतकों की मदद से 2,796 रन बना चुके हैं और उनका औसत 82.33 का है। ये आंकड़े बताते हैं कि वनडे क्रिकेट में भी वह टीम इंडिया के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं। ऐसे में व्हाइट-बॉल टीम में उनकी एंट्री की चर्चा भी तेज हो सकती है।

अब फैसला टीम इंडिया मैनेजमेंट के हाथ

पडिक्कल ने श्रीलंका में लगातार दो शतक लगाकर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है। अब सवाल सिर्फ यह नहीं है कि उन्हें मौका मिलेगा या नहीं, बल्कि यह है कि उन्हें किस नंबर और किस फॉर्मेट में इस्तेमाल किया जाएगा। अगर वह इसी फॉर्म को जारी रखते हैं, तो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए वह बड़ा नाम बन सकते हैं।

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Author: The Hindi Post