Pakistan की हवा निकली, इंग्लैंड ने तीसरे दिन ही पारी और 103 रन से रौंदा, लीड्स में 39 साल का सूखा फिर कायम रहा

वेस्टइंडीज के खिलाफ शानदार जीत के बाद इंग्लैंड पहुंची पाकिस्तान टीम को लीड्स टेस्ट में करारी हार का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने पहले टेस्ट के तीसरे दिन ही पाकिस्तान को पारी और 103 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। पाकिस्तान के लिए यह हार इसलिए भी निराशाजनक रही, क्योंकि टीम मुकाबले में ज्यादा देर टिक ही नहीं सकी।

इंग्लैंड ने पहली पारी में बनाया मजबूत स्कोर

हेडिंग्ले में तीसरे दिन की शुरुआत इंग्लैंड की पहली पारी से हुई। इंग्लैंड की आखिरी दो जोड़ियों ने 43 रन जोड़कर टीम का स्कोर 409 रन तक पहुंचा दिया। इसके साथ ही मेजबान टीम को पाकिस्तान के खिलाफ 238 रन की बड़ी बढ़त मिल गई। इतनी मजबूत बढ़त के बाद पाकिस्तान पर दबाव काफी बढ़ गया था और उसे पारी की हार से बचने के लिए लंबी बल्लेबाजी करनी थी।

दूसरी पारी में भी पाकिस्तानी बल्लेबाज ढेर

पाकिस्तान की दूसरी पारी में भी बल्लेबाज इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों के सामने पूरी तरह बेबस नजर आए। जोफ्रा आर्चर ने शुरुआत में ही दोनों पाकिस्तानी ओपनर्स को पवेलियन भेजकर टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। इसके बाद ओली रॉबिनसन और जोश टंग ने भी शानदार गेंदबाजी जारी रखी। दोनों गेंदबाजों ने दूसरी पारी में तीन-तीन विकेट लेकर पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी।

135 रन पर सिमटी पूरी टीम

पाकिस्तान की तरफ से मोहम्मद रिजवान ने कुछ देर तक संघर्ष किया। उन्होंने 41 रन बनाए, लेकिन वह भी टीम को बड़ी हार से नहीं बचा सके। रिजवान पाकिस्तान के नौवें विकेट के रूप में आउट हुए। इसके बाद पूरी टीम सिर्फ 135 रन पर सिमट गई। इंग्लैंड ने तीसरे दिन का दूसरा सेशन खत्म होने से पहले ही मुकाबला अपने नाम कर लिया।

लीड्स में 39 साल से जीत का इंतजार

पाकिस्तान के लिए हेडिंग्ले का मैदान एक बार फिर निराशा लेकर आया। पाकिस्तान ने यहां आखिरी बार 1987 में टेस्ट मैच जीता था। इसके बाद से टीम को इस मैदान पर जीत का इंतजार है। इस मुकाबले में भी यह सिलसिला टूटने की उम्मीद थी, लेकिन इंग्लैंड ने एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज कर पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ा दीं।

जो रूट की कप्तानी में शानदार वापसी

इंग्लैंड की यह जीत जो रूट के लिए भी बेहद खास रही। करीब चार साल बाद उन्होंने इंग्लैंड की टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली और वापसी करते ही जीत हासिल कर ली। खास बात यह है कि हेडिंग्ले रूट का घरेलू मैदान भी है। यहां अगला टेस्ट 2029 से पहले होने की उम्मीद नहीं है, इसलिए कप्तान के तौर पर यह जीत उनके लिए यादगार बन गई।

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Author: The Hindi Post