NTA की परीक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने फॉलो-अप बैठक की। इसमें परीक्षाओं को सुरक्षित, पारदर्शी और सुचारू तरीके से कराने के लिए जरूरी सुरक्षा और बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया। बैठक के बाद NTA के डायरेक्टर जनरल ने एजेंसी की ओर से उठाए गए कदमों की जानकारी दी और परीक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की बात कही।
परीक्षा टीम में बड़ा बदलाव
NTA के DG के मुताबिक, परीक्षा टीम में बड़ा बदलाव किया गया है। करीब 600 विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। इसके अलावा अगले दो-तीन हफ्तों में 20 से 25 अधिकारियों को भी टीम में शामिल करने की योजना है। आगे जरूरत के मुताबिक और अधिकारियों की नियुक्ति की समीक्षा की जाएगी, ताकि परीक्षा से जुड़े काम में विशेषज्ञता और जवाबदेही बढ़ाई जा सके।
पेपर जांच अब चार स्तर पर होगी
प्रश्न-पत्रों की सुरक्षा और गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए चार-स्तरीय प्रश्न-पत्र जांच प्रणाली लागू करने की बात कही गई है। इसका मकसद पेपर तैयार होने से पहले उसमें किसी भी तरह की गलती या कमी की संभावना को कम करना है। NTA देश की कई बड़ी परीक्षाएं आयोजित करता है, इसलिए प्रश्न-पत्र तैयार करने और उसकी जांच को लेकर यह बदलाव काफी अहम माना जा रहा है।
NTA दफ्तरों में बढ़ेगी सुरक्षा
NTA के दफ्तरों को जल्द नई जगह पर शिफ्ट करने की योजना भी बताई गई है। नई जगहों पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए CISF की टीमों की मदद ली जाएगी। इसके साथ परीक्षा से जुड़े संवेदनशील कामों और दस्तावेजों की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया जाएगा। यह कदम परीक्षा प्रक्रिया में किसी भी तरह की सुरक्षा संबंधी कमी को दूर करने की कोशिश का हिस्सा है।
50 से ज्यादा कर्मचारियों पर कार्रवाई
इससे पहले शिक्षा मंत्रालय ने 17 अगस्त को बताया था कि हालिया परीक्षा विवादों को देखते हुए NTA ने 50 से अधिक कर्मचारियों को हटाया है। साथ ही 10 नए प्रोफेशनल लीडरशिप पदों पर भर्ती शुरू की गई है। इनमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर और चीफ इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी ऑफिसर जैसे पद शामिल हैं। टेस्ट सिक्योरिटी और रिसर्च से जुड़े वरिष्ठ पद भी बनाए जा रहे हैं।
साइबर सुरक्षा से पेपर डिजाइन तक फोकस
NTA अब साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्न-पत्र डिजाइन जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी जोड़ रहा है। एजेंसी JEE Main, NEET UG, CUET UG और UGC-NET जैसी बड़ी परीक्षाएं आयोजित करती है। ऐसे में इन बदलावों का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में भरोसा बढ़ाना, सुरक्षा मजबूत करना और गड़बड़ियों की संभावना कम करना है। अब इन सुधारों को जमीन पर कितनी प्रभावी तरह लागू किया जाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।