राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवानों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी। इनमें 13 पुरस्कार मरणोपरांत दिए जाएंगे। सूची में नौ कीर्ति चक्र, 19 शौर्य चक्र, पांच बार टू सेना मेडल (वीरता) और 36 सेना मेडल (वीरता) शामिल हैं।
कीर्ति चक्र पाने वालों में दो अधिकारी
कीर्ति चक्र भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। इस बार 21 पैरा स्पेशल फोर्सेज के लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज फ्रांसिस और 2 पैरा स्पेशल फोर्सेज के मेजर जितेंद्र राठी को कीर्ति चक्र दिया गया है। सात अन्य कीर्ति चक्र मरणोपरांत प्रदान किए जाएंगे। इनमें 2 पैरा के हवलदार गजेंद्र सिंह समेत कई जवान शामिल हैं।
19 जवानों और अधिकारियों को शौर्य चक्र
इस बार 19 जवानों और अधिकारियों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया जाएगा। इनमें 36 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर परमवीर, 57 राष्ट्रीय राइफल्स के मेजर तरुण वासुदेवन, 12 डोगरा रेजिमेंट के मेजर केशव कुमार और 21 ग्रेनेडियर्स के मेजर गौरव सिंह बृजवाल शामिल हैं। शौर्य चक्र शांतिकाल का तीसरा सबसे बड़ा वीरता पुरस्कार है।
सेना, नौसेना और वायुसेना के वीर भी सम्मानित
शौर्य चक्र पाने वालों में सेना के साथ नौसेना और वायुसेना के अधिकारी भी शामिल हैं। भारतीय नौसेना के लेफ्टिनेंट कमांडर शिवम कुमार और भारतीय वायुसेना के स्क्वाड्रन लीडर सुधीर कुमार को भी सम्मान मिलेगा। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कई अधिकारी और जवान भी इस सूची में शामिल हैं।
89 जवानों को ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’
राष्ट्रपति ने 89 ‘मेंशन-इन-डिस्पैचेस’ को भी मंजूरी दी है। यह सम्मान अभियान या युद्ध जैसी परिस्थितियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिया जाता है। इनमें भारतीय सेना के 75, नौसेना के चार और वायुसेना के 10 जवान शामिल हैं। पुरस्कारों की घोषणा स्वतंत्रता दिवस समारोह से एक दिन पहले की गई है।
लाल किले पर पहली बार गूंजेगा वंदे मातरम
इस साल लाल किले पर स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम’ पहली बार गाया जाएगा। रक्षा मंत्रालय के अनुसार कार्यक्रम में इसके 150 साल पुराने इतिहास को याद किया जाएगा। साथ ही 2047 तक विकसित भारत की यात्रा में युवा शक्ति की भूमिका को भी प्रमुखता दी जाएगी। समारोह देखने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 5,000 खास मेहमानों को आमंत्रित किया गया है।