NEET UG पेपर लीक मामले की सुनवाई दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में बनी फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चल रही है। इसी दौरान चार्जशीट की जानकारी और उसकी कॉपी मीडिया तक पहुंचने का मामला सामने आया। कोर्ट ने इसे गंभीर विषय बताते हुए हैरानी जताई। खास तौर पर जब मीडिया रिपोर्टों में गवाहों के नाम सामने आने की बात कही गई, तो कोर्ट ने कहा कि इस मामले में कुछ करने की जरूरत है। अदालत ने साफ किया कि ट्रायल की प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़नी चाहिए।
गवाहों के नाम सामने आने पर सवाल
सुनवाई के दौरान CBI की ओर से पेश वकील ने बताया कि मीडिया में कुछ गवाहों के नाम प्रकाशित हुए हैं। इनमें कुछ नाबालिग गवाह भी बताए गए। आरोपियों की ओर से पेश वकील ने भी इस पर चिंता जताई और कहा कि इससे उनके केस पर असर पड़ सकता है। उन्होंने दावा किया कि कोर्ट में चार्जशीट दाखिल होने से पहले ही उसकी कॉपी मीडिया के पास पहुंच गई थी। इस पूरे मामले को लेकर अदालत ने रिपोर्ट की जांच करने की बात कही।
कोर्ट ने मीडिया की जिम्मेदारी याद दिलाई
स्पेशल जज अजय गुप्ता ने कहा कि ओपन कोर्ट की कार्यवाही में मीडिया की भी जिम्मेदारी होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आपराधिक कानून के अनुसार ट्रायल जिस तरीके से होना चाहिए, उसी तरह आगे बढ़ना चाहिए। अदालत ने कहा कि किसी भी पक्ष के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। जज ने यह भी कहा कि अगर रिपोर्टिंग में ऐसी चीजें सामने आ रही हैं, जो ट्रायल को प्रभावित कर सकती हैं, तो उन्हें लेकर सावधानी बरतनी चाहिए।
रिपोर्ट की जांच करेगा कोर्ट
अदालत ने कहा कि वह सामने आई रिपोर्ट की जांच करेगा और इसके बाद तय करेगा कि इस मामले में क्या कदम उठाने की जरूरत है। कोर्ट की चिंता इसलिए भी अहम है क्योंकि चार्जशीट में जांच से जुड़ी ऐसी जानकारियां हो सकती हैं, जिन पर अभी अदालत में विस्तार से चर्चा नहीं हुई है। जज ने कहा कि जो बातें अभी चर्चा में नहीं आईं, लेकिन चार्जशीट का हिस्सा हैं, वे जांच के दायरे में हो सकती हैं। ऐसे में उनका पहले ही सार्वजनिक होना गंभीर सवाल खड़े करता है।
CBI ने दाखिल की 20 हजार पन्नों की चार्जशीट
CBI ने NEET UG पेपर लीक मामले में करीब 20,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है। जांच एजेंसी के मुताबिक, तीन सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स ने अलग-अलग तरीकों से दिल्ली स्थित NTA कार्यालय से NEET परीक्षा के सवाल हासिल किए। CBI ने यह भी बताया कि कॉन्फिडेंशियल सेक्शन से बाहर निकलते समय उनकी तलाशी नहीं ली गई थी, जिसका कथित तौर पर फायदा उठाया गया।
13 अगस्त से आरोप तय करने पर सुनवाई
स्पेशल जज अजय गुप्ता ने CBI की चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है। अब अदालत 13 अगस्त से आरोप तय करने को लेकर दोनों पक्षों की दलीलें सुनना शुरू करेगी। वहीं चार्जशीट लीक होने और गवाहों के नाम सामने आने का मुद्दा भी अदालत के सामने है। इस पूरे मामले में अब नजर इस बात पर रहेगी कि कोर्ट रिपोर्ट की जांच के बाद क्या कदम उठाता है और NEET पेपर लीक केस की सुनवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।