जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकियों ने गैर-स्थानीय मजदूरों पर फायरिंग कर दी। इस हमले में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए जीएमसी अनंतनाग भेजा गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन
हमले के तुरंत बाद पुलिस और सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि हमलावरों की तलाश जारी है। वहीं पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा को घटना की जानकारी दी। एलजी ने निर्देश दिया कि हमले के जिम्मेदार आतंकियों को जल्द से जल्द पकड़कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
बीजेपी ने जताई कड़ी नाराजगी
बीजेपी प्रवक्ता अल्ताफ ठाकुर ने इस हमले की कड़ी निंदा की। उन्होंने इसे कायराना, बर्बर और अमानवीय बताया। उनका कहना है कि रोजी-रोटी कमाने आए बेगुनाह मजदूर की हत्या इंसानियत पर हमला है। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों से दोषियों और उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करने की मांग की।
आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने की अपील
अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग हमेशा हिंसा के खिलाफ रहे हैं और आतंकवाद कभी भी इस क्षेत्र का भविष्य तय नहीं कर सकता। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने, सुरक्षा बलों का सहयोग करने और आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहने की अपील की।
पाकिस्तान की ड्रोन साजिश उजागर
इसी बीच जम्मू के खौड़ सेक्टर में भारतीय सेना ने एक पाकिस्तानी निगरानी ड्रोन को मार गिराया। अधिकारियों के अनुसार यह चीन में बना यूएवी (UAV) था, जो भारतीय सेना के महत्वपूर्ण ठिकानों के पास उड़ रहा था। शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि इसका इस्तेमाल सेना की गतिविधियों और तैनाती की जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा था।
ड्रोन से मिले अहम सबूत
ड्रोन की जांच के दौरान उसमें 64GB का मेमोरी कार्ड मिला। इसमें नियंत्रण रेखा (LoC) के पास भारतीय सेना की तैनाती और महत्वपूर्ण स्थानों की तस्वीरें और वीडियो मौजूद बताए गए हैं। सेना अब ड्रोन और उसके डेटा की विस्तार से जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस साजिश के पीछे कौन लोग शामिल हैं।