आंखें हमारे शरीर का बेहद संवेदनशील हिस्सा हैं, इसलिए उनकी देखभाल बहुत जरूरी है। खासकर कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले लोगों को साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। थोड़ी-सी लापरवाही से बैक्टीरिया, वायरस या खतरनाक पैरासाइट आंखों में पहुंच सकते हैं। समय पर इलाज न मिलने पर यह संक्रमण आंखों की रोशनी तक प्रभावित कर सकता है।
महिला के साथ हुआ चौंकाने वाला मामला
ब्रिटेन में एक महिला घोड़े के अस्तबल की सफाई कर रही थी। इस दौरान उसकी आंखें गंदे पानी और मिट्टी के संपर्क में आ गईं। उसने चेहरा तो धो लिया, लेकिन कॉन्टैक्ट लेंस नहीं निकाले। कुछ दिनों बाद उसकी आंख में तेज दर्द और धुंधला दिखने की शिकायत शुरू हुई। जांच में पता चला कि उसकी आंख में Acanthamoeba नाम का खतरनाक पैरासाइट पहुंच गया, जिसने कॉर्निया को गंभीर नुकसान पहुंचाया। अब उसे भविष्य में कॉर्निया ट्रांसप्लांट की जरूरत पड़ सकती है।
क्या है Acanthamoeba संक्रमण?
Acanthamoeba एक सूक्ष्म पैरासाइट है, जो मिट्टी, धूल, झील, नदी, नल के पानी और गंदे पानी में पाया जाता है। अगर यह आंख में पहुंच जाए, तो कॉर्निया में संक्रमण पैदा कर सकता है। इस बीमारी को Acanthamoeba Keratitis कहा जाता है। यह संक्रमण सबसे ज्यादा उन लोगों में देखा जाता है, जो नियमित रूप से कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं।
कॉन्टैक्ट लेंस पहनते समय रखें सावधानी
अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस इस्तेमाल करते हैं, तो हमेशा साफ हाथों से ही लेंस लगाएं और निकालें। लेंस पहनकर नहाने, तैरने या गंदे पानी के संपर्क में आने से बचें। अगर आंख में मिट्टी या गंदा पानी चला जाए, तो तुरंत लेंस निकाल दें और आंखों की जांच करवाएं। लेंस को हमेशा नए और साफ सॉल्यूशन में रखें, पुराने सॉल्यूशन का दोबारा इस्तेमाल न करें।
इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें
अगर आंख में तेज दर्द हो, लगातार लालपन बना रहे, धुंधला दिखाई दे, रोशनी चुभे या आंख से ज्यादा पानी आए, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। आंख में कुछ फंसा हुआ महसूस होना या अचानक कॉन्टैक्ट लेंस पहनने में परेशानी होना भी संक्रमण का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों को हल्के में लेना नुकसानदायक हो सकता है।
समय पर इलाज से बच सकती है रोशनी
आंखों का संक्रमण जितनी जल्दी पकड़ा जाए, इलाज उतना ही आसान होता है। सही समय पर जांच और उपचार से कॉर्निया को गंभीर नुकसान से बचाया जा सकता है। अगर आप कॉन्टैक्ट लेंस पहनते हैं, तो रोजाना उनकी साफ-सफाई का ध्यान रखें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से सलाह लें। थोड़ी-सी सावधानी आपकी आंखों की रोशनी को सुरक्षित रख सकती है।