Cyber Fraud के बाद भी बच सकता है आपका पैसा, सरकार ने बताया कैसे 1930 हेल्पलाइन बदल रही है पूरा खेल

देश में ऑनलाइन ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन अब समय पर शिकायत करने पर पैसा बचने की उम्मीद भी बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने संसद में बताया कि इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) और 1930 हेल्पलाइन की मदद से अब तक 32.80 लाख शिकायतों में 11,158 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम ठगों तक पहुंचने से रोकी गई है।

1930 हेल्पलाइन कैसे करती मदद?

अगर किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी होती है, तो उसे तुरंत 1930 हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज करनी चाहिए। शिकायत मिलते ही बैंक और संबंधित एजेंसियां पैसे को दूसरे खाते में ट्रांसफर होने से रोकने की कोशिश करती हैं। सरकार का कहना है कि जितनी जल्दी शिकायत होगी, पैसा बचने की संभावना उतनी ही ज्यादा होगी।

फर्जी सिम और खातों पर शिकंजा

साइबर ठग अक्सर फर्जी सिम कार्ड और दूसरे लोगों के बैंक खातों का इस्तेमाल करते हैं। इसे रोकने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। अब तक 15.75 लाख से ज्यादा सिम कार्ड और 5.77 लाख मोबाइल IMEI ब्लॉक किए गए हैं। इसके अलावा 30.48 लाख संदिग्ध पहचान और 32.08 लाख म्यूल बैंक खातों की पहचान कर 25,698 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन रोके गए हैं।

पैसा लौटाने की नई व्यवस्था

सरकार ने साइबर ठगी के मामलों का निपटारा तेज करने के लिए नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) लागू किया है। अप्रैल 2026 से मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल भी शुरू किया गया है, जिससे ठगी का पैसा सही व्यक्ति तक जल्दी लौटाने की प्रक्रिया आसान हुई है। वहीं, बैंक खाते फ्रीज होने जैसी शिकायतों के समाधान के लिए अलग ग्रिवेंस रिड्रेसल सिस्टम भी बनाया गया है।

पुलिस को मिल रही तकनीकी मदद

साइबर अपराध की जांच मजबूत करने के लिए पुलिस और जांच एजेंसियों को लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। CyTrain पोर्टल के जरिए 1.63 लाख से अधिक अधिकारियों का पंजीकरण हो चुका है। वहीं साइबर कमांडो प्रोग्राम, प्रतिबिम्ब और समन्वय जैसे प्लेटफॉर्म की मदद से 29,837 से ज्यादा आरोपियों की गिरफ्तारी में सहायता मिली है।

जागरूकता पर भी पूरा जोर

सरकार का कहना है कि सिर्फ कार्रवाई ही नहीं, बल्कि लोगों को जागरूक करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से 1930 हेल्पलाइन, CyberDost सोशल मीडिया, SMS, टीवी, रेडियो, स्कूल, IPL, MyGov, मेट्रो स्टेशन, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे कई माध्यमों से लगातार साइबर सुरक्षा की जानकारी दी जा रही है। ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर बिना देर किए शिकायत करना सबसे जरूरी कदम माना गया है।

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Author: The Hindi Post