Health Tips: हर वक्त रहती है घबराहट और बेचैनी? इसे सिर्फ स्ट्रेस न समझें, एंग्जायटी के संकेत हो सकते हैं ये गंभीर लक्षण

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव होना आम बात है। काम का दबाव, पढ़ाई, पैसों की चिंता या परिवार की जिम्मेदारियों के कारण ज्यादातर लोग स्ट्रेस महसूस करते हैं। लेकिन हर समय बेचैनी, डर या घबराहट रहना सिर्फ स्ट्रेस नहीं, बल्कि एंग्जायटी भी हो सकती है। कई लोग दोनों को एक जैसा समझ लेते हैं, जबकि दोनों में बड़ा अंतर होता है।

जानिए दोनों में क्या फर्क है

मनोचिकित्सक डॉ. मेघा अग्रवाल के अनुसार, स्ट्रेस किसी खास वजह से होता है और कारण खत्म होने पर धीरे-धीरे कम भी हो जाता है। वहीं एंग्जायटी में बिना किसी स्पष्ट कारण के भी मन में डर और चिंता बनी रहती है। कई बार व्यक्ति को लगता है कि कुछ गलत होने वाला है, जबकि वास्तव में ऐसी कोई स्थिति नहीं होती।

शरीर पर भी दिखते हैं असर

एंग्जायटी सिर्फ दिमाग को ही प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका असर शरीर पर भी दिखाई देता है। इसके कारण दिल की धड़कन तेज हो सकती है, सांस तेजी से चलने लगती है, ज्यादा पसीना आता है, हाथ कांप सकते हैं और शरीर में जकड़न महसूस हो सकती है। कई लोगों को थकान और कमजोरी भी महसूस होती है।

पेट की दिक्कतें भी हो सकती हैं

विशेषज्ञों के मुताबिक, एंग्जायटी का असर पेट पर भी पड़ता है। इससे पेट खराब रहना, मितली आना, पेट में बेचैनी होना या टॉयलेट की आदतों में बदलाव जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिमाग और पेट का आपस में गहरा संबंध होता है। मानसिक तनाव का असर पाचन तंत्र पर भी साफ दिखाई देता है।

कब लें डॉक्टर की मदद

अगर चिंता, डर या घबराहट कई हफ्तों या महीनों तक बनी रहे और इसकी वजह से आपकी नौकरी, पढ़ाई, रिश्तों या रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे में किसी मनोचिकित्सक या मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है। समय पर इलाज से स्थिति को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता है।

समय रहते पहचान है जरूरी

डॉक्टरों का कहना है कि कभी-कभी स्ट्रेस होना सामान्य है, लेकिन अगर परेशानी खत्म होने के बाद भी चिंता बनी रहे, तो यह एंग्जायटी का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षणों को हल्के में लेने के बजाय समय पर मदद लेना बेहतर होता है। सही इलाज, काउंसलिंग और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर एंग्जायटी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

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Author: The Hindi Post