पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर पाकिस्तानी सेना ने फायरिंग कर दी। इस घटना में कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। फायरिंग उस समय हुई जब हजारों लोग मुजफ्फराबाद की ओर मार्च करने की तैयारी कर रहे थे। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया।
52 दिनों से जारी आंदोलन
यह विरोध प्रदर्शन पिछले 52 दिनों से जारी है। प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई, उनके खिलाफ दर्ज केस वापस लेने और अपनी अन्य मांगों को पूरा करने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाएंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
JAAC का अल्टीमेटम बेअसर
जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने प्रशासन को 27 जुलाई दोपहर 1 बजे तक मांगें मानने के लिए आधिकारिक आदेश जारी करने का अल्टीमेटम दिया था। लेकिन तय समय तक कोई फैसला नहीं हुआ। इसके बाद हजारों लोग रावलाकोट में इकट्ठा हुए और मुजफ्फराबाद की ओर मार्च शुरू कर दिया। इसी दौरान हालात बिगड़ गए और फायरिंग की घटना हुई।
कई लोगों के घायल होने का दावा
प्रदर्शन में शामिल लोगों का दावा है कि फायरिंग में 15 से 30 से ज्यादा लोग गोली लगने से घायल हुए हैं। घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा गया है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
चुनाव पर भी पड़ा असर
यह तनाव ऐसे समय बढ़ा है जब PoJK के मीरपुर डिवीजन में पहले चरण का मतदान चल रहा था। हिंसा और चुनाव में धांधली के आरोपों के कारण चुनावी माहौल भी प्रभावित हुआ है। लंबे समय से चल रहे विरोध प्रदर्शनों की वजह से राजनीतिक दलों को प्रचार करने में भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
विधानसभा चुनाव टाले गए
लगातार विरोध प्रदर्शन और बिगड़ते हालात को देखते हुए सुधनोती और रावलाकोट जिलों में विधानसभा चुनाव 10 अगस्त तक टाल दिए गए हैं। माना जा रहा है कि हालात सामान्य होने के बाद ही आगे की चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और लोगों की नजर प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है।