NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में विरोध प्रदर्शन जारी है। इसी बीच केंद्र सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और आंदोलन कर रहे छात्रों की मांगों को लेकर कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत तेज की है और हाल के 24 घंटों में छह बड़े कदम उठाकर हालात सामान्य करने की कोशिश की है।
सोनम वांगचुक ने तोड़ा अनशन
26 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से बातचीत के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया। सरकार ने लिखित आश्वासन दिया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कोई पुलिस कार्रवाई या कानूनी केस नहीं होगा। साथ ही परीक्षा सुधारों पर संसद के मानसून सत्र में चर्चा कराने का भरोसा भी दिया गया।
मुआवजा और राहत का भरोसा
सरकार ने NEET विवाद से प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है। परीक्षा से जुड़े तनाव के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों के लिए मुआवजे पर विचार किया जाएगा। वहीं, आंदोलन में शामिल छात्र कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज मामलों में भी राहत देने का आश्वासन दिया गया है।
सख्त कानून और फास्ट-ट्रैक कोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई है। उन्होंने फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है, ताकि मामलों का जल्दी निपटारा हो सके। साथ ही सरकार पेपर लीक के दोषियों के लिए 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने वाला सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है।
NTA में बड़ा एक्शन
सरकार ने परीक्षा एजेंसी NTA में बड़े बदलाव शुरू कर दिए हैं। 47 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाया गया है और कुछ के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी होगी। इसके अलावा एजेंसी की डिजिटल सुरक्षा, पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए एक हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी बनाई जा रही है।
जांच तेज, विरोध जारी
सरकार ने पहले ही मामले की जांच CBI को सौंप दी थी। जांच एजेंसी ने विशेष टीम बनाकर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोबारा परीक्षा कराई जा चुकी है और प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। हालांकि, विपक्ष और प्रदर्शनकारी अब भी शिक्षा मंत्री के इस्तीफे समेत अन्य मांगों पर अड़े हुए हैं, जिससे विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।