एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान कर दिया गया है। इस बार 20 खिलाड़ियों को टीम में जगह मिली है। हालांकि यूरोप प्रो लीग में खेलने वाले चार अहम खिलाड़ी टीम से बाहर हो गए हैं। इनमें डिफेंडर अमनदीप लकरा, मिडफील्डर राज कुमार पाल और रबीचंद्र सिंह मोइरांगथेम, तथा फॉरवर्ड सेल्वम कार्थी शामिल हैं। इन खिलाड़ियों के बाहर होने से टीम चयन पर चर्चा भी शुरू हो गई है।
हरमनप्रीत के हाथ में कप्तानी
भारतीय टीम की कमान एक बार फिर स्टार डिफेंडर और ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह को सौंपी गई है। उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक में भारत को कांस्य पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अनुभवी मिडफील्डर मनप्रीत सिंह भी टीम का हिस्सा हैं, जिससे टीम को अनुभव और संतुलन मिलेगा। चयनकर्ताओं ने युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण तैयार किया है।
इन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर
गोलकीपिंग की जिम्मेदारी मोहित एचएस और सूरज करकेरा संभालेंगे। डिफेंस में हरमनप्रीत सिंह, अमित रोहिदास, जुगराज सिंह, जरमनप्रीत सिंह, संजय, सुमित और यशदीप सिवाच शामिल हैं। मिडफील्ड में मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, विवेक सागर प्रसाद, राजिंदर सिंह, आदित्य अर्जुन लालगे और नीलकंठ शर्मा खेलेंगे। वहीं फॉरवर्ड लाइन में मंदीप सिंह, दिलप्रीत सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह और शिलानंद लाकड़ा से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
प्रो लीग के बाद बड़ी चुनौती
भारत का हालिया प्रदर्शन एफआईएच प्रो लीग में उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। टीम ने 16 मुकाबलों में सिर्फ चार जीत दर्ज कीं, पांच मैच ड्रॉ रहे और सात में हार मिली। इसी वजह से भारतीय टीम अंक तालिका में आठवें स्थान पर रही। अब वर्ल्ड कप में टीम के सामने शानदार वापसी करने की चुनौती होगी।
ग्रुप स्टेज का पूरा कार्यक्रम
हॉकी वर्ल्ड कप में भारत को इंग्लैंड, पाकिस्तान और वेल्स के साथ पूल डी में रखा गया है। टीम अपने सभी ग्रुप मैच नीदरलैंड के एमस्टेलवीन में खेलेगी। भारत 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ पहला मुकाबला खेलेगा। इसके बाद 17 अगस्त को इंग्लैंड और 19 अगस्त को पाकिस्तान से भिड़ेगा। पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबले पर सभी की खास नजर रहेगी।
खिताब का लंबा इंतजार
भारतीय हॉकी टीम ने अब तक केवल एक बार, 1975 में हॉकी वर्ल्ड कप का खिताब जीता है। इसके बाद टीम कोई भी पदक नहीं जीत सकी है। 2023 वर्ल्ड कप में भारत नौवें स्थान पर रहा था। ऐसे में इस बार हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में टीम इंडिया से बेहतर प्रदर्शन और लंबे समय बाद इतिहास रचने की उम्मीद की जा रही है।