Healthy Eating: क्या ज्यादा तीखा खाना बन सकता है कैंसर की वजह? रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बात, जानिए कितना सच और कितना खतरा

मिर्च और मसालेदार खाना भारतीय खानपान का अहम हिस्सा है, लेकिन इसे जरूरत से ज्यादा खाना नुकसानदायक हो सकता है। कई रिसर्च में यह बात सामने आई है कि बहुत अधिक तीखा खाने वाले लोगों में पाचन तंत्र से जुड़े कुछ कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि इस विषय पर अभी और शोध की जरूरत है।

कितने लोगों पर हुई स्टडी?

रिसर्च में 14 अलग-अलग स्टडी का विश्लेषण किया गया, जिसमें करीब 1.10 लाख लोगों का डेटा शामिल था। इनमें लगभग 5,000 लोग गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर से पीड़ित थे। रिपोर्ट के मुताबिक, जो लोग सबसे ज्यादा मिर्च खाते थे, उनमें कम मिर्च खाने वालों की तुलना में पाचन तंत्र के कैंसर का खतरा करीब 64 प्रतिशत अधिक पाया गया।

मिर्च तीखी क्यों होती है?

मिर्च का तीखापन कैप्साइसिन (Capsaicin) नामक प्राकृतिक कंपाउंड की वजह से होता है। यही तत्व शरीर में गर्मी और दर्द महसूस कराने वाले रिसेप्टर्स को सक्रिय करता है। कई शोध बताते हैं कि कैप्साइसिन सूजन कम करने में मदद कर सकता है, लेकिन इसकी अधिक मात्रा कुछ लोगों में टिश्यू में जलन और लगातार इरिटेशन भी पैदा कर सकती है।

कैसे बढ़ सकता है खतरा?

कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि लंबे समय तक बहुत ज्यादा तीखा भोजन खाने से भोजन नली (इसोफेगस) की अंदरूनी परत में बार-बार जलन और सूजन हो सकती है। यही स्थिति आगे चलकर कोशिकाओं में बदलाव का कारण बन सकती है। हालांकि यह हर व्यक्ति के साथ हो, ऐसा साबित नहीं हुआ है और इस पर अभी स्पष्ट वैज्ञानिक सहमति नहीं है।

किन लक्षणों को नजरअंदाज न करें?

अगर लंबे समय तक सीने में जलन, लगातार पेट दर्द, बिना वजह वजन कम होना, गले में सूजन, चेस्ट या पीठ में दर्द, खराब पाचन या हमेशा थकान और बीमार जैसा महसूस हो, तो इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। ऐसे लक्षण दिखने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है, क्योंकि इनके पीछे कई दूसरी बीमारियां भी हो सकती हैं।

कितना तीखा खाना सही है?

विशेषज्ञों की सलाह है कि संतुलित मात्रा में मसालेदार भोजन खाना सुरक्षित माना जाता है। जरूरत से ज्यादा तीखा खाने की आदत से बचें और अपनी डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज और फाइबर वाली चीजों को शामिल करें। अगर मसालेदार भोजन खाने के बाद बार-बार सीने में जलन या अन्य परेशानी होती है, तो खानपान में बदलाव करें और डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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Author: The Hindi Post