भारत और इंग्लैंड के बीच वनडे सीरीज अब रोमांचक मोड़ पर पहुंच गई है। पहला मैच जीतने के बाद टीम इंडिया दूसरे मुकाबले में हार गई, जिससे सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। अब लॉर्ड्स में होने वाला तीसरा और आखिरी वनडे दोनों टीमों के लिए निर्णायक होगा। ऐसे में भारतीय बल्लेबाजों पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव है।
बल्लेबाजों का लगातार संघर्ष
हाल के मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाज उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। पहले टी20 सीरीज और फिर वनडे सीरीज में भी टॉप और मिडिल ऑर्डर रन बनाने के लिए संघर्ष करता दिखा। दूसरे वनडे में रोहित शर्मा, ईशान किशन और निचला क्रम जल्दी आउट हो गया। इसका असर यह रहा कि टीम ने सिर्फ 55 रन के अंदर आखिरी छह विकेट गंवा दिए।
कोच ने दिया खास मंत्र
लॉर्ड्स टेस्ट से पहले टीम के बॉलिंग कोच मॉर्ने मॉर्कल ने बल्लेबाजों को एक अहम सलाह दी है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजों को शुरुआत की 5 से 10 गेंदें सिर्फ परिस्थितियों को समझने में लगानी चाहिए। इससे उन्हें यह समझने में मदद मिलेगी कि पिच और गेंद किस तरह व्यवहार कर रही है और उसके बाद वे बेहतर तरीके से अपनी पारी बना सकते हैं।
लॉर्ड्स की चुनौती अलग
लॉर्ड्स का मैदान अपनी ढलान (Slope) और तेज गेंदबाजों को मिलने वाली मदद के लिए जाना जाता है। यहां गेंद स्विंग और सीम दोनों करती है, जिससे शुरुआत में बल्लेबाजी आसान नहीं होती। मॉर्कल का मानना है कि अगर बल्लेबाज शुरुआती कुछ गेंदों में धैर्य रखें और परिस्थितियों को समझ लें, तो बड़ी साझेदारी बनाना आसान हो सकता है।
अनुभव पर जताया भरोसा
मॉर्ने मॉर्कल ने कहा कि भारतीय टीम के टॉप और मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाज काफी अनुभवी हैं। उन्होंने कई देशों में क्रिकेट खेला है और ऐसी परिस्थितियों से अच्छी तरह परिचित हैं। उनके अनुसार, इस मुकाबले में लंबी साझेदारियां ही जीत की सबसे बड़ी कुंजी साबित होंगी।
लॉर्ड्स में रिकॉर्ड बदलने का मौका
लॉर्ड्स में भारत का वनडे रिकॉर्ड ज्यादा अच्छा नहीं रहा है। टीम इंडिया ने यहां 2004 के बाद कोई वनडे मुकाबला नहीं जीता है। इतना ही नहीं, इस मैदान पर अब तक कोई भी भारतीय बल्लेबाज वनडे में शतक नहीं लगा पाया है। ऐसे में तीसरे मैच में भारतीय खिलाड़ियों के पास इतिहास बदलने और सीरीज अपने नाम करने का शानदार अवसर होगा।