ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई ने अपने पिता अली खामेनेई के निधन और अंतिम संस्कार के बाद पहली बार देश को संबोधित किया। अपने भाषण में उन्होंने अमेरिका और इजराइल पर तीखा हमला बोला और कहा कि उनके पिता की मौत का बदला लिया जाएगा। उनके बयान के बाद एक बार फिर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की चर्चा तेज हो गई है।
बदले की कसम
मुज्तबा खामेनेई ने कहा कि उनके पिता का खून बेकार नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि दोषियों को उनके किए की सजा मिलेगी। उनके अनुसार, बदला लेना सिर्फ एक नारा नहीं बल्कि देश की इच्छा और जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने नेताओं और संघर्ष में मारे गए लोगों का हिसाब जरूर लेगा।
जनाजे में उमड़ी भीड़ का जिक्र
अपने संबोधन में मुज्तबा ने उन लाखों लोगों का धन्यवाद किया, जो उनके पिता के अंतिम संस्कार में शामिल हुए। उन्होंने इस भीड़ को ऐतिहासिक बताया और कहा कि इससे देश की एकजुटता का संदेश पूरी दुनिया तक पहुंचा। उनके मुताबिक, जनता की मौजूदगी ने विरोधियों को भी मजबूत संदेश दिया।
अंतिम संस्कार पर रही दुनिया की नजर
रिपोर्ट के अनुसार, अली खामेनेई को 9 जुलाई को मशहद में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में देश-विदेश से लोग पहुंचे। इस दौरान ईरानी प्रशासन और सेना ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। हवाई और जमीनी सीमाओं पर भी विशेष निगरानी रखी गई ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो सके।
फिर बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
मुज्तबा खामेनेई के सख्त बयान ऐसे समय आए हैं, जब ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच तनाव पहले से ही बना हुआ है। उनके बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर रखी जा रही है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कई देशों की प्रतिक्रिया सामने आ सकती है।
संघर्ष पर बनी हुई चिंता
रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच हुआ युद्धविराम समझौता भी टूट चुका है, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच फिर से सैन्य कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। लगातार बढ़ते तनाव ने पूरे खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि हालात पर दुनिया की नजर बनी रहेगी।