केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ किया है कि देश में E20 पेट्रोल को लेकर किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि अप्रैल 2025 से E20 यानी 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल लागू किया गया था और अब इसका इस्तेमाल एक साल से अधिक समय से किया जा रहा है। सरकार के अनुसार, अब तक इसके उपयोग को लेकर सकारात्मक अनुभव सामने आए हैं और इसे वाहन निर्माता कंपनियों का भी पूरा समर्थन मिला है। सरकार का कहना है कि E20 देश में ईंधन आयात कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम कदम है।
करोड़ों वाहन पहले से कर रहे इस्तेमाल
मंत्री ने बताया कि देश में करीब 20 करोड़ दोपहिया और 20 लाख चारपहिया वाहन पहले से एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि E15 यानी 15 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाला ईंधन पिछले साढ़े तीन वर्षों से इस्तेमाल हो रहा है। इस दौरान किसी बड़े स्तर की समस्या सामने नहीं आई। यही वजह है कि सरकार ने E20 को आगे बढ़ाया और अब इसे लेकर वाहन कंपनियां भी पूरी तरह सहज हैं। उपभोक्ताओं से भी E20 को लेकर अच्छी प्रतिक्रिया मिली है।
E25 पर अभी नहीं हुआ फैसला
E25 यानी 25 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले पेट्रोल को लेकर सरकार ने फिलहाल कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि अभी इस ईंधन की टेस्टिंग चल रही है। टेस्टिंग पूरी होने के बाद उसकी रिपोर्ट का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद ऑटोमोबाइल कंपनियों, विशेषज्ञों और अन्य संबंधित पक्षों से चर्चा होगी। सभी पहलुओं की समीक्षा करने के बाद ही सरकार तय करेगी कि E25 को देशभर में लागू किया जाए या नहीं। यानी फिलहाल E25 को लेकर कोई जल्दबाजी नहीं की जाएगी।
E85 की शुरुआत, लेकिन समय लगेगा
मंत्री ने यह भी बताया कि E85 यानी 85 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि इसे पूरे देश में लागू होने में अभी समय लगेगा। इसकी सबसे बड़ी वजह जरूरी बुनियादी ढांचे की तैयारी है। E85 के लिए नए पेट्रोल पंप, विशेष ईंधन सुविधाएं और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि जैसे-जैसे यह व्यवस्था तैयार होगी, वैसे-वैसे E85 का दायरा भी बढ़ाया जाएगा। फिलहाल सरकार का मुख्य फोकस E20 के सफल संचालन और E25 की टेस्टिंग पूरी करने पर है।