T20 World Cup 2026 जीतने के बाद क्यों लड़खड़ा रही टीम इंडिया? बैटिंग कोच ने बताई हार की असली वजह और आगे का प्लान

टी20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने के बाद टीम इंडिया लगातार मुश्किल दौर से गुजर रही है। पहले आयरलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज गंवानी पड़ी और अब इंग्लैंड के खिलाफ भी टीम दबाव में नजर आ रही है। लगातार हार के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर चैंपियन टीम की लय अचानक क्यों बिगड़ गई। इस पर टीम इंडिया के बैटिंग कोच सितांशु कोटक ने अपनी बात रखी है।

कोच ने बताई हार की वजह

तीसरे टी20 मैच से पहले मीडिया से बात करते हुए सितांशु कोटक ने कहा कि टीम में बड़े बदलाव होने पर ऐसे नतीजे सामने आ सकते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पिछले दो साल में भारत ने कोई टी20 सीरीज नहीं हारी थी। टीम ने टी20 वर्ल्ड कप और एशिया कप जैसे बड़े टूर्नामेंट भी जीते। लेकिन अब नए खिलाड़ियों को मौका मिलने और टीम में बदलाव के कारण प्रदर्शन प्रभावित हुआ है।

हार्दिक की कमी महसूस हुई

कोटक ने माना कि हार्दिक पंड्या जैसे अनुभवी ऑलराउंडर की गैरमौजूदगी टीम को खल रही है। उन्होंने बताया कि नीतीश रेड्डी को मौका दिया गया था, लेकिन चोट के कारण वह उपलब्ध नहीं हैं। अब सूर्यांश शेड्गे को टीम में शामिल किया गया है। भले ही उन्हें तुरंत खेलने का मौका न मिले, लेकिन टीम के साथ रहने से उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अनुभव मिलेगा।

अगला लक्ष्य वर्ल्ड कप

बैटिंग कोच ने साफ कहा कि टीम इंडिया का सबसे बड़ा लक्ष्य अगला टी20 वर्ल्ड कप जीतना है। इसके लिए बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग तीनों विभागों में लगातार सुधार किया जाएगा। उनका कहना है कि हर सीरीज टीम के लिए सीखने का मौका होती है और खिलाड़ी अपनी कमियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं।

सीरीज बचाने की चुनौती

भारत के सामने अब इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज बचाने की बड़ी चुनौती है। तीसरा मुकाबला ट्रेंटब्रिज में खेला जाएगा। अगर टीम इंडिया यह मैच हार जाती है तो सीरीज भी हाथ से निकल जाएगी। ऐसे में खिलाड़ियों पर बेहतर प्रदर्शन का दबाव रहेगा और टीम जीत के साथ वापसी करना चाहेगी।

सूर्यवंशी पर पूरा भरोसा

सितांशु कोटक ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि जैसे ही वैभव को टीम में चुना गया, उनका डेब्यू लगभग तय था। टीम मैनेजमेंट ने उनके लिए कोई अलग योजना नहीं बनाई, बल्कि उन्हें अपना स्वाभाविक खेल खेलने की सलाह दी। 15 साल 99 दिन की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू कर उन्होंने सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। कोटक का मानना है कि आने वाले मैचों में भी वैभव को बिना दबाव के अपना प्राकृतिक खेल जारी रखना चाहिए।

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Author: The Hindi Post