हाथ, पैर, टखने, उंगलियों या चेहरे पर सूजन आना एक आम समस्या है। कई बार यह लंबे समय तक खड़े रहने, बैठे रहने, चोट लगने या मौसम बदलने की वजह से होती है। लेकिन अगर सूजन बार-बार हो, कई दिनों तक बनी रहे या बढ़ती जाए, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह शरीर के अंदर किसी गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकती है।
इन बीमारियों का हो सकता है संकेत
बार-बार होने वाली सूजन कई स्वास्थ्य समस्याओं से जुड़ी हो सकती है। हार्ट फेलियर में दिल सही तरह से खून पंप नहीं कर पाता, जिससे पैरों में सूजन आ सकती है। किडनी की बीमारी में शरीर से अतिरिक्त पानी और नमक बाहर नहीं निकल पाता। वहीं लिवर सिरोसिस में भी शरीर में तरल पदार्थ जमा होने लगता है, जिससे पैरों और पेट में सूजन दिखाई दे सकती है।
नसों की बीमारी भी वजह
डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (DVT) में पैर की गहरी नस में खून का थक्का बन जाता है। इससे एक पैर में अचानक सूजन, दर्द, लालिमा और गर्माहट महसूस हो सकती है। वहीं क्रॉनिक वेनस इनसफिशिएंसी में पैरों की नसें खून को सही तरीके से दिल तक नहीं पहुंचा पातीं। इससे पैरों में सूजन, भारीपन और दर्द की शिकायत हो सकती है।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
अगर सूजन के साथ सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, अचानक एक पैर में सूजन, तेज दर्द, त्वचा का लाल या गर्म होना, पेट में ज्यादा सूजन या अचानक वजन बढ़ने जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। ऐसे लक्षण किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकते हैं और समय पर इलाज जरूरी होता है।
सूजन से कैसे करें बचाव?
शरीर में सूजन से बचने के लिए लंबे समय तक लगातार बैठने या खड़े रहने से बचें। बीच-बीच में हल्की वॉक करें और नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। संतुलित आहार लें, ज्यादा नमक खाने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। स्वस्थ वजन बनाए रखना भी जरूरी है।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर सूजन बार-बार हो रही है, लंबे समय तक बनी रहती है या लगातार बढ़ रही है, तो डॉक्टर से जांच जरूर कराएं। पैरों में सूजन होने पर आराम करते समय उन्हें थोड़ा ऊंचा रख सकते हैं, लेकिन बार-बार होने वाली सूजन को घरेलू उपायों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहिए। सही समय पर जांच और इलाज से कई गंभीर बीमारियों का पता जल्दी लगाया जा सकता है।