फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल की बात आते ही प्रोटीन का नाम सबसे पहले लिया जाता है। पनीर, दाल, अंडे, चिकन और प्रोटीन सप्लीमेंट्स के जरिए लोग इसकी जरूरत पूरी करते हैं। लेकिन इसके साथ एक डर भी जुड़ा है कि ज्यादा प्रोटीन खाने से किडनी खराब हो जाती है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह बात हर व्यक्ति पर लागू नहीं होती और इसे लेकर लोगों में कई गलतफहमियां फैली हुई हैं।
क्या प्रोटीन से किडनी खराब होती है?
डॉक्टरों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति की किडनी पूरी तरह स्वस्थ है तो संतुलित मात्रा में प्रोटीन लेने से किडनी को नुकसान नहीं होता। प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों, हार्मोन, इम्यून सिस्टम और शरीर के ऊतकों की मरम्मत के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। इसलिए केवल डर की वजह से प्रोटीन से दूरी बनाना सही फैसला नहीं है।
किन लोगों को बरतनी चाहिए सावधानी?
जिन लोगों को पहले से क्रॉनिक किडनी डिजीज (CKD) है, उन्हें प्रोटीन की मात्रा डॉक्टर या क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह के अनुसार ही लेनी चाहिए। ऐसे मरीजों में जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने पर किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर या अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को भी अपनी डाइट खुद तय करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।
कम प्रोटीन भी बन सकता है नुकसान
कई लोग किडनी खराब होने के डर से प्रोटीन बहुत कम कर देते हैं, लेकिन यह भी नुकसानदायक हो सकता है। प्रोटीन की कमी से मांसपेशियां कमजोर पड़ सकती हैं, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता घट सकती है और कुपोषण का खतरा बढ़ सकता है। खासकर बुजुर्गों और डायलिसिस पर रहने वाले मरीजों के लिए पर्याप्त प्रोटीन लेना बेहद जरूरी माना जाता है।
सिर्फ बॉडीबिल्डर्स के लिए नहीं है प्रोटीन
यह भी एक बड़ा मिथक है कि प्रोटीन सिर्फ जिम जाने वालों या बॉडीबिल्डर्स के लिए जरूरी होता है। सच यह है कि हर व्यक्ति के शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है। हां, जो लोग ज्यादा शारीरिक मेहनत या एक्सरसाइज करते हैं, उन्हें इसकी मात्रा अधिक चाहिए होती है। वहीं प्लांट प्रोटीन आमतौर पर यूरिक एसिड नहीं बढ़ाता, जबकि कुछ लोगों में ज्यादा एनिमल प्रोटीन और शराब का सेवन जोखिम बढ़ा सकता है।
जरूरत के हिसाब से लें सही मात्रा
हर व्यक्ति की प्रोटीन की जरूरत उसकी उम्र, वजन, स्वास्थ्य और शारीरिक गतिविधि पर निर्भर करती है। इसलिए सोशल मीडिया या अधूरी जानकारी के आधार पर अपनी डाइट में बदलाव करना सही नहीं है। अगर कोई स्वास्थ्य समस्या है तो डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेकर ही प्रोटीन की सही मात्रा तय करें। संतुलित आहार और सही जानकारी ही स्वस्थ शरीर और किडनी की सबसे बड़ी कुंजी है।