Strait of Hormuz में फिर भड़की जंग की चिंगारी, अमेरिका-ईरान आमने-सामने, क्या अब शुरू होगा पूर्ण युद्ध का दौर?

अल्पकालीन शांति के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य एक बार फिर तनाव का केंद्र बन गया है। पिछले 72 घंटों में यहां तीन बड़े सैन्य घटनाक्रम सामने आए हैं। पहले ईरान ने एक वाणिज्यिक जहाज पर ड्रोन हमला किया, फिर अमेरिका ने ईरानी तटीय इलाकों और द्वीपों पर एयर स्ट्राइक की। इसके कुछ घंटों बाद ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर जवाब दिया।

क्या टूट गया युद्धविराम?

लगातार हो रहे हमलों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। खाड़ी देशों में चिंता बढ़ गई है और सभी देश अलर्ट पर हैं। डर इस बात का है कि कहीं हालात फिर पहले जैसे न हो जाएं, जब पूरे क्षेत्र में लगातार सैन्य तनाव और हमले हो रहे थे।

अमेरिका ने क्यों बनाया होर्मुज को निशाना?

अमेरिका ने ईरान के सिरिक तट और केश्म द्वीप पर हमले किए। इन इलाकों को ईरान की सामरिक ताकत का अहम हिस्सा माना जाता है। यहां से ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य, फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी की गतिविधियों पर नजर रखता है। अमेरिकी हमलों का मुख्य लक्ष्य ईरान के रडार, संचार नेटवर्क और ड्रोन ठिकाने बताए जा रहे हैं।

ईरान ने ड्रोन से दिया जवाब

अमेरिकी हमलों के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई की। उसने अमेरिकी नौसेना से जुड़े ठिकानों और युद्धपोतों की ओर ड्रोन भेजे। हालांकि, अमेरिकी सेना ने दावा किया कि सभी ड्रोन को रास्ते में ही नष्ट कर दिया गया। इसके साथ ही ईरान ने चेतावनी दी कि अगर दोबारा हमला हुआ तो पूरे अरब क्षेत्र को इसकी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

समंदर से चला अमेरिकी ऑपरेशन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने इस बार किसी खाड़ी देश के एयरबेस का इस्तेमाल नहीं किया। अमेरिकी फाइटर जेट्स ने समुद्र में मौजूद एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरी और अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र से होकर ईरान के ठिकानों पर हमला किया। माना जा रहा है कि अमेरिका नहीं चाहता था कि किसी अन्य देश को सीधे इस संघर्ष में घसीटा जाए।

पूर्ण युद्ध का खतरा बढ़ा

होर्मुज में बढ़ते तनाव ने पूरे मध्य पूर्व की चिंता बढ़ा दी है। ईरान इस जलमार्ग को अपने अधिकार क्षेत्र का हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका यहां अपनी रणनीतिक मौजूदगी बनाए रखना चाहता है। दोनों देशों की सख्त बयानबाजी और लगातार सैन्य कार्रवाई इस बात का संकेत दे रही है कि आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं और पूर्ण युद्ध की आशंका को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

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Author: The Hindi Post