आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव लगभग हर किसी की दिनचर्या का हिस्सा बन गया है। कई लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या ज्यादा तनाव लेने से बाल समय से पहले सफेद हो सकते हैं। रिसर्च बताती हैं कि लंबे समय तक रहने वाला तनाव बालों की सेहत पर असर डाल सकता है और बालों की रंगत बदलने की प्रक्रिया को तेज कर सकता है।
बालों का रंग कैसे तय होता है?
हमारे बालों का प्राकृतिक रंग मेलेनिन नामक पिगमेंट से तय होता है। यह पिगमेंट शरीर की विशेष कोशिकाएं बनाती हैं। जब इन कोशिकाओं का काम प्रभावित होने लगता है, तो बालों में रंग कम बनने लगता है और वे धीरे-धीरे सफेद दिखाई देने लगते हैं।
तनाव कैसे बढ़ाता है समस्या?
विशेषज्ञों के अनुसार, ज्यादा तनाव शरीर की उन स्टेम सेल्स को प्रभावित कर सकता है जो बालों को रंग देने वाली कोशिकाएं बनाती हैं। जब ये सेल्स कम होने लगती हैं, तो बालों में मेलेनिन का उत्पादन भी घट सकता है। हालांकि, हर व्यक्ति में तनाव का असर एक जैसा नहीं होता।
केवल तनाव नहीं, ये कारण भी जिम्मेदार
समय से पहले बाल सफेद होने के पीछे जेनेटिक कारण सबसे आम माने जाते हैं। अगर परिवार में किसी के बाल जल्दी सफेद हुए हैं, तो इसकी संभावना बढ़ जाती है। इसके अलावा विटामिन बी12, आयरन, कॉपर और फोलेट की कमी, थायरॉयड की समस्या, धूम्रपान और खराब लाइफस्टाइल भी इसके पीछे बड़ी वजह हो सकते हैं।
कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी?
अगर कम उम्र में अचानक बड़ी संख्या में बाल सफेद होने लगें या इसके साथ बाल झड़ना, कमजोरी, थकान या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी दिखाई दें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच कराना बेहतर रहता है।
बालों को स्वस्थ रखने के आसान तरीके
बालों की अच्छी सेहत के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार लें, पर्याप्त नींद पूरी करें और तनाव कम करने के लिए योग, मेडिटेशन या नियमित व्यायाम करें। साथ ही धूम्रपान से बचें और बालों पर ज्यादा केमिकल वाले प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से भी परहेज करें।