अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान अपनी न्यूक्लियर फैसिलिटीज की लंबे समय तक निगरानी के लिए तैयार हो गया है। ट्रंप के मुताबिक, यह समझौता दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत का हिस्सा है और इससे यह सुनिश्चित होगा कि ईरान कभी परमाणु हथियार नहीं बना सके।
ईरान ने दावे को किया खारिज
हालांकि, ट्रंप के इस बयान को ईरान ने तुरंत नकार दिया। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकेई ने साफ कहा कि तेहरान ने इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) की निगरानी व्यवस्था को स्वीकार नहीं किया है। उन्होंने कहा कि न्यूक्लियर मुद्दे पर केवल शुरुआती बातचीत हुई है, किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बनी।
होर्मुज स्ट्रेट पर ट्रंप का बड़ा ऐलान
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग पर किसी तरह की नई रोक नहीं लगाएगा। उनके मुताबिक, ईरान की ओर से मिली रियायतों के बाद इस अहम समुद्री मार्ग को खुला रखने पर सहमति बनी है। हालांकि उन्होंने चेतावनी भी दी कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका फिर से सख्त कदम उठा सकता है।
रिकॉर्ड तेल सप्लाई का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि सोमवार को होर्मुज स्ट्रेट से 19 मिलियन बैरल तेल की सप्लाई हुई, जो अब तक का रिकॉर्ड है। ट्रंप के अनुसार, इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा है और दुनिया पहले की तुलना में ज्यादा सुरक्षित स्थिति में पहुंची है।
अमेरिका ने बढ़ाए राहत के संकेत
ट्रंप प्रशासन ने ईरानी कच्चे तेल की शिपमेंट पर लगी कुछ पाबंदियों को भी रोकने का फैसला किया है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि ईरान संयुक्त राष्ट्र के परमाणु निरीक्षकों की वापसी पर विचार करने को तैयार है। उन्होंने इसे अंतिम समझौते की दिशा में एक मजबूत शुरुआत बताया।
स्विस बातचीत से बढ़ीं उम्मीदें
यह पूरा घटनाक्रम स्विट्जरलैंड में हुई वार्ता के बाद सामने आया है। दोनों देशों ने हाल ही में एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे, जिसने करीब 40 दिनों के तनाव के बाद संघर्षविराम और आगे की बातचीत का रास्ता खोला। हालांकि, कई अहम मुद्दों पर अभी भी दोनों पक्षों के बीच मतभेद बने हुए हैं।