प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार और बीजेपी संगठन में बड़े फेरबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। मंगलवार को पीएम मोदी की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात के बाद राजनीतिक गलियारों में अटकलें और बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए बीजेपी नई रणनीति तैयार कर रही है।
चुनावी राज्यों पर खास फोकस
2027 की शुरुआत में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी इन राज्यों में अपने राजनीतिक समीकरण मजबूत करने के लिए मंत्रिमंडल और संगठन में बदलाव कर सकती है। बीजेपी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाकर चुनावी तैयारी को धार देने की कोशिश में जुटी है।
केरल को मिल सकता नया चेहरा
केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन को दोबारा राज्यसभा नहीं भेजे जाने के बाद केरल के प्रतिनिधित्व को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। फिलहाल केंद्र सरकार में केरल से केवल सुरेश गोपी मंत्री हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि केरल से किसी नए चेहरे को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है।
पंजाब में लौटेंगे रवनीत बिट्टू
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को भी बीजेपी ने दोबारा राज्यसभा नहीं भेजा है। उन्होंने संकेत दिए हैं कि वह अब पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे और अगले विधानसभा चुनाव में उतर सकते हैं। उनके हटने से पंजाब में एक मंत्री पद खाली होगा, जिस पर नए चेहरे की एंट्री हो सकती है।
यूपी में बदल सकते हैं समीकरण
बीजेपी के ‘एक व्यक्ति, एक पद’ सिद्धांत के तहत उत्तर प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी और दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा को केंद्रीय मंत्री पद छोड़ना पड़ सकता है। माना जा रहा है कि यूपी में ओबीसी और दलित समुदाय से नए नेताओं को कैबिनेट में शामिल कर पार्टी सामाजिक संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है।
मणिपुर और पंजाब पर भी नजर
मणिपुर में लंबे समय से जातीय तनाव बना हुआ है और विपक्ष लगातार केंद्र सरकार को घेर रहा है। ऐसे में बीजेपी वहां विभिन्न समुदायों के नेताओं को संगठन या कैबिनेट में जगह देकर राजनीतिक संदेश देना चाहती है। वहीं पंजाब में भी हिंदू और सिख चेहरों के बीच संतुलन बनाने की रणनीति पर काम किया जा रहा है।