राजधानी लखनऊ के अलीगंज थाना क्षेत्र के पुरनिया इलाके में स्थित बहुमंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने पूरे प्रदेश को हिला दिया। ‘हेड हॉपर 3D आर्ट स्टूडियो’ नाम की इस इमारत में कुछ ही देर में आग तेजी से फैल गई। ऊपरी मंजिलों पर चल रहे कोचिंग सेंटर में कई छात्र-छात्राएं और अन्य लोग फंस गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बंद रास्ते बने सबसे बड़ा कारण
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, इमारत में आपातकालीन निकास या दूसरी सीढ़ी की व्यवस्था नहीं थी। जिस मुख्य सीढ़ी से लोग ऊपर-नीचे आते थे, आग ने सबसे पहले उसी हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों के लिए बाहर निकलने का रास्ता पूरी तरह बंद हो गया।
दीवार तोड़कर शुरू हुआ रेस्क्यू
अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए बचाव दल को दीवार तोड़नी पड़ी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शुरुआत में मौके पर दीवार तोड़ने की मशीन तक उपलब्ध नहीं थी। काफी देर तक हथौड़ों और दूसरे उपकरणों से दीवार तोड़ने की कोशिश होती रही। कई घंटों की मेहनत के बाद राहतकर्मियों ने इमारत के अंदर पहुंचने का रास्ता बनाया।
घने धुएं ने बढ़ाई मुश्किलें
रेस्क्यू टीम के लिए आग से ज्यादा चुनौती धुएं ने पैदा की। इमारत के अंदर इतना धुआं भर गया था कि राहतकर्मियों को प्रवेश करने में काफी परेशानी हुई। दीवार में रास्ता बनने के बाद भी बचाव अभियान धीमी गति से चला और कई लोग धुएं के कारण दम घुटने से जिंदगी की जंग हार गए।
बचने के लिए बच्चों ने उठाए जोखिम
हादसे के दौरान कई लोग खिड़कियों और छज्जों की तरफ भागे। कुछ बच्चों ने जान बचाने के लिए बिजली के केबलों के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की। वहीं कुछ लोग बाथरूम और कमरों में छिप गए। रेस्क्यू टीम ने कई लोगों को गीले कंबलों और स्ट्रेचर की मदद से बाहर निकाला और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया।
15 लोगों की मौत, कई घायल
इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि पांच लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों का इलाज केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है। मृतकों में सागर, नीलेश, अनामिका, श्याम, अनुचा, सोमालिया, शाहजान, रुक्मणि, आदित्य श्रीवास्तव और अब्दुल रहमान समेत कई लोगों की पहचान हो चुकी है। अन्य शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
सीएम योगी ने किया मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। सीएम ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा भी दिया।
जांच के आदेश, जिम्मेदारी होगी तय
घटना के बाद मुख्यमंत्री आवास पर हाई लेवल बैठक बुलाई गई, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सीएम योगी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हादसे की जिम्मेदारी तय की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी घायलों का हाल जानने के लिए केजीएमयू पहुंचे। अब पूरे मामले में आग लगने के कारणों और सुरक्षा मानकों में हुई चूक की जांच की जा रही है।