अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नया एयरफोर्स वन तो मिल गया है, लेकिन मध्य पूर्व में शांति स्थापित करने की उनकी कोशिशें मुश्किलों में फंसती दिख रही हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बने समझौते में कई मोर्चों पर सीजफायर की बात हुई थी, जिसमें लेबनान भी शामिल है। हालांकि, इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच जारी संघर्ष इस समझौते पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
इजराइल-हिज्बुल्लाह में फिर तेज हुई जंग
इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच सीजफायर ज्यादा देर तक नहीं टिक सका। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर समझौता तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। इजराइल का दावा है कि हिज्बुल्लाह के हमले में उसके चार सैनिकों की मौत हुई, जिसके बाद उसने जवाबी कार्रवाई तेज कर दी। वहीं, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके तो वह भी जवाब देगा।
नेतन्याहू को लेकर नई राजनीतिक चर्चा
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का रुख इस पूरे मामले में काफी सख्त माना जा रहा है। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन नेतन्याहू के विरोधी नेताओं के संपर्क में है। यह भी कहा जा रहा है कि अमेरिका इजराइल में राजनीतिक बदलाव चाहता है, ताकि क्षेत्र में युद्ध की स्थिति को खत्म किया जा सके। हालांकि, इन दावों पर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ट्रंप को मिला नया एयरफोर्स वन
इस बीच ट्रंप का नया विमान भी चर्चा में है। कतर के अमीर ने उन्हें करीब 3400 करोड़ रुपये का बोइंग 747-8 जेट उपहार में दिया है। ट्रंप ने इस विमान को ‘उड़ता हुआ व्हाइट हाउस’ बताया है। उन्होंने कहा कि वह अगले महीने होने वाले नाटो शिखर सम्मेलन में इसी विमान से यात्रा करेंगे। इस महंगे उपहार को लेकर पहले भी काफी राजनीतिक बहस हो चुकी है।
क्या हैं इस विमान की खासियतें?
यह बोइंग 747-8 दुनिया के सबसे बड़े और ताकतवर विमानों में गिना जाता है। इसमें चार शक्तिशाली इंजन लगे हैं और इसकी गति लगभग 1060 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। यह एक बार में करीब 14 हजार किलोमीटर की उड़ान भर सकता है। विमान में लग्जरी बेडरूम, डाइनिंग एरिया, कॉन्फ्रेंस रूम और राष्ट्रपति के लिए अलग ऑफिस जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं।
हाईटेक सुरक्षा से लैस है विमान
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुरक्षा को देखते हुए इस विमान में कई आधुनिक सुरक्षा तकनीकें लगाई गई हैं। इसमें मिसाइल चेतावनी प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग उपकरण, सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम और परमाणु हमले से बचाने वाली विशेष तकनीक शामिल है। सुरक्षा एजेंसियों ने विमान के हर हिस्से की गहन जांच के बाद ही इसे राष्ट्रपति की यात्रा के लिए तैयार किया है।