Iran-US शांति समझौते पर बड़ा दावा: ट्रंप बोले कल होंगे साइन, होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा, पाकिस्तान ने भी जताई उम्मीद

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर हो सकते हैं। ट्रंप के मुताबिक, समझौते के बाद होर्मुज स्ट्रेट को सभी देशों के लिए खोल दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस समझौते को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

परमाणु कार्यक्रम पर सख्त रुख

ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के समय हुआ JCPOA समझौता ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने का रास्ता देता था। उन्होंने दावा किया कि उनकी प्रस्तावित डील उससे बिल्कुल अलग है। ट्रंप का कहना है कि मौजूदा समझौते के तहत ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं होगी।

होर्मुज स्ट्रेट खोलने की बात

ट्रंप ने कहा कि समझौते पर हस्ताक्षर होते ही होर्मुज स्ट्रेट को सभी के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका और ईरान के संबंध अब पहले की सरकारों की तुलना में बेहतर दिशा में बढ़ रहे हैं। ट्रंप ने साफ किया कि इस समझौते में किसी प्रकार के आर्थिक भुगतान या धन हस्तांतरण का प्रावधान नहीं होगा।

‘न्यूक्लियर डस्ट’ हटाने की योजना

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि हालात पूरी तरह सामान्य होने के बाद अमेरिका ईरान के परमाणु ठिकानों से कथित “न्यूक्लियर डस्ट” हटाने की प्रक्रिया में मदद कर सकता है। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका अपनी तकनीकी और सैन्य क्षमता का इस्तेमाल करेगा। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि पूरा काम शांतिपूर्ण तरीके से पूरा हो जाएगा।

पाकिस्तान ने जताई उम्मीद

उधर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता अगले 24 घंटों में अंतिम रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर की तैयारी कर रहा है। पाकिस्तान का मानना है कि यह समझौता क्षेत्र में स्थिरता और तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

अभी आधिकारिक पुष्टि बाकी

पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने अमेरिका-ईरान वार्ता के अंतिम चरण में पहुंचने का स्वागत किया है। साथ ही कहा गया कि रविवार को इलेक्ट्रॉनिक हस्ताक्षर समारोह की उम्मीद है। हालांकि अब तक व्हाइट हाउस या ईरान की ओर से इस तय समय-सीमा की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में दुनिया की नजरें आने वाले 24 घंटों पर टिकी हुई हैं, जो इस संभावित समझौते का भविष्य तय कर सकते हैं।

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Author: The Hindi Post