बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान एक नई कानूनी लड़ाई में घिरते नजर आ रहे हैं। हाल ही में ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ नाम की फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया। ट्रेलर में दिखाई देने वाले मुख्य किरदार की स्टाइल, लुक और बॉडी लैंग्वेज को लेकर दावा किया जा रहा है कि वह सलमान खान से काफी मिलती-जुलती है। इसी वजह से अभिनेता ने फिल्म के खिलाफ अदालत का रुख किया है।
दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचे सलमान
फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग को लेकर सलमान खान ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। अदालत ने अभिनेता की अंतरिम अर्जी पर सुनवाई करते हुए फिल्म निर्माताओं को नोटिस जारी किया है। मामले की अगली सुनवाई 19 जून को होगी। फिलहाल कोर्ट ने फिल्म पर तत्काल रोक नहीं लगाई है, लेकिन निर्माताओं से जवाब मांगा गया है।
वकील ने कोर्ट में क्या कहा?
सुनवाई के दौरान सलमान खान की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि 29 मई को जारी किए गए फिल्म के पोस्टर में एक ऐसा व्यक्ति दिखाया गया था जिसकी अपीयरेंस और स्टाइल सलमान खान जैसी लगती है। उनका कहना था कि अभिनेता के व्यक्तित्व और पहचान का इस्तेमाल कर फिल्म को प्रचारित किया जा रहा है। वकील ने यह भी कहा कि मीडिया और प्रमोशनल सामग्री में लगातार सलमान के नाम का अप्रत्यक्ष इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे उनके अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
पर्सनैलिटी राइट्स पर उठाया सवाल
सलमान खान की याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म उनके पर्सनैलिटी राइट्स का उल्लंघन करती है। अभिनेता का कहना है कि उनकी पहचान, लोकप्रिय छवि और उनसे जुड़ी घटनाओं को बिना अनुमति इस्तेमाल किया जा रहा है। भारतीय कानून के तहत किसी व्यक्ति की पहचान, छवि और लोकप्रियता का व्यावसायिक इस्तेमाल बिना सहमति के करना कानूनी विवाद का कारण बन सकता है। इसी आधार पर फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई है।
काला हिरण केस से जोड़ा गया मामला
याचिका के अनुसार, फिल्म की कहानी कथित तौर पर 1998 के चर्चित काले हिरण शिकार मामले और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ सलमान खान के विवाद से प्रेरित बताई जा रही है। अभिनेता का आरोप है कि फिल्म के प्रचार में उनके आइकॉनिक नीले ब्रेसलेट जैसी चीजों का इस्तेमाल कर दर्शकों को यह संकेत दिया जा रहा है कि कहानी उनसे जुड़ी हुई है। इससे लोगों के बीच भ्रम पैदा हो सकता है।
अब 19 जून पर टिकी निगाहें
याचिका में यह भी कहा गया है कि एक पोस्टर में हमशक्ल किरदार को बंदूक के साथ दिखाया गया है, जिससे वास्तविक घटनाओं की गलत तस्वीर पेश हो सकती है। सलमान खान का पक्ष मानता है कि इससे जनता गुमराह हो सकती है और उनकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है। अब सभी की नजर 19 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर है, जहां अदालत तय करेगी कि फिल्म की रिलीज पर कोई रोक लगेगी या नहीं।