मालवीय नगर स्थित फ्लरिश होटल में हुए भीषण अग्निकांड के बाद दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए होटल मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है. इस दर्दनाक हादसे में अब तक 21 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं. घटना के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था, निर्माण नियमों और संचालन को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं.
मौत और घायलों का बढ़ता आंकड़ा
इस हादसे में 10 भारतीय और 11 विदेशी नागरिकों की मौत हुई है. वहीं 21 विदेशी नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें से 10 की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है और वे वेंटिलेटर पर हैं. इसके अलावा 14 भारतीय नागरिक भी घायल हुए हैं. घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में जारी है.
जांच के घेरे में होटल कारोबार
जानकारी के अनुसार, लवकेश बजाज दिल्ली में कई होटल और होमस्टे संचालित करता है. आग लगने वाले होटल से करीब 50 मीटर दूर उसका एक अन्य होटल ‘फ्लरिश इन’ भी मौजूद है. यहां विदेशों से इलाज के लिए आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को ठहराया जाता है. अब उसके अन्य कारोबारों की भी जांच की जा रही है.
होटल की संरचना पर उठे सवाल
बताया जा रहा है कि फ्लरिश इन का प्रवेश मार्ग काफी संकरा है और बेसमेंट में भी कमरे बनाए गए हैं. इसके अलावा कई मंजिलों पर होटल संचालित किया जा रहा है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि इमारत में बाहर निकलने के लिए केवल एक ही रास्ता है. ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में लोगों के फंसने का खतरा बढ़ जाता है.
पुलिस जांच में सामने आई बातें
सूत्रों के मुताबिक, जिस इमारत में आग लगी उसका मालिक लवकेश बजाज है, जबकि गेस्ट हाउस का संचालन जय मिश्रा के नाम से किया जा रहा था. पुलिस दोनों के बीच संबंधों और जिम्मेदारियों की जांच कर रही है. गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस उसकी तलाश में साकेत स्थित घर भी पहुंची थी.
न्यायिक जांच के आदेश
हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली के उपराज्यपाल ने हाई लेवल बैठक बुलाई है. बैठक में संबंधित जिला मजिस्ट्रेट के नेतृत्व में मजिस्ट्रियल जांच कराने का आदेश दिया गया है. जांच में आग लगने के कारण, सुरक्षा मानकों की स्थिति और संभावित लापरवाही की पड़ताल की जाएगी.
कारोबार बढ़ाने के लिए बढ़ाए कमरे
पुलिस पूछताछ में लवकेश बजाज ने बताया कि उसने कारोबार बढ़ाने के उद्देश्य से होटल में कमरों की संख्या बढ़ाई थी. उसका कहना है कि आसपास बड़े अस्पताल होने के कारण यहां मरीजों के परिजनों की काफी मांग रहती थी. हालांकि उसने दावा किया कि उसे कभी ऐसी बड़ी दुर्घटना होने का अंदाजा नहीं था. अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हादसे के पीछे नियमों की अनदेखी और लापरवाही की क्या भूमिका रही.