Ranveer Singh विवाद पर भड़के निर्देशक आदित्य कृपलानी, बोले- बड़े लोगों की लड़ाई में पिस रहे गरीब टेक्नीशियन

फिल्ममेकर आदित्य कृपलानी ने फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के उस फैसले पर सवाल उठाए हैं, जिसमें रणवीर सिंह के साथ काम न करने की बात कही गई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि इस तरह के फैसलों का सबसे ज्यादा नुकसान फिल्म इंडस्ट्री के मेहनतकश कर्मचारियों को होता है।

बड़े लोगों की लड़ाई, गरीबों पर असर

आदित्य कृपलानी का कहना है कि जब भी बॉलीवुड के बड़े सितारों, निर्माताओं या प्रोडक्शन हाउस के बीच विवाद होता है, तब उसकी कीमत दिहाड़ी मजदूरों और टेक्नीशियनों को चुकानी पड़ती है। उन्होंने कहा कि बड़े लोगों की ईगो क्लैश में रोज कमाकर परिवार चलाने वाले कर्मचारियों का भविष्य प्रभावित होता है।

रणवीर और एक्सेल विवाद का जिक्र

निर्देशक ने रणवीर सिंह और एक्सेल एंटरटेनमेंट के बीच चल रहे विवाद का भी जिक्र किया। उनका कहना है कि यदि लाखों कर्मचारी किसी बड़े अभिनेता के साथ काम नहीं कर पाएंगे, तो इससे इंडस्ट्री में पहले से कम हो रहे काम के अवसर और घट जाएंगे। उन्होंने इस फैसले को पूरी तरह अनुचित बताया।

इंडस्ट्री के मुश्किल दौर की बात

आदित्य कृपलानी ने कहा कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री इस समय बेहद कठिन दौर से गुजर रही है। उनके मुताबिक, काम के मौके पहले ही काफी कम हो चुके हैं और ऐसे समय में बड़े प्रोजेक्ट्स को रोकना इंडस्ट्री के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इससे हजारों परिवारों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

‘प्रलय’ फिल्म का उदाहरण

अपने बयान में उन्होंने निर्देशक जय मेहता की आगामी फिल्म ‘प्रलय’ का भी जिक्र किया। आदित्य के अनुसार यह एक बड़े बजट की फिल्म है, जिससे बड़ी संख्या में टेक्नीशियन और दिहाड़ी कर्मचारी जुड़े हो सकते हैं। अगर विवाद के कारण ऐसे प्रोजेक्ट्स प्रभावित होते हैं, तो सबसे ज्यादा नुकसान उन लोगों का होगा जो इन फिल्मों से रोजगार की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

मजदूरों के हित में सोचने की अपील

आदित्य कृपलानी ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री के बड़े सितारों और निर्माताओं को आर्थिक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता, लेकिन दिहाड़ी मजदूरों और टेक्नीशियनों की स्थिति अलग है। उन्होंने एसोसिएशन और इंडस्ट्री के जिम्मेदार लोगों से अपील की कि किसी भी फैसले से पहले उन कर्मचारियों के बारे में भी सोचना चाहिए, जिनकी रोजी-रोटी इस काम पर निर्भर करती है।

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Author: The Hindi Post