Oil Market में बड़ी गिरावट, ईरान के बयान से कच्चा तेल फिसला, होर्मुज स्ट्रेट खुलने की उम्मीद बढ़ी

दुनियाभर के तेल बाजार में बुधवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। WTI Crude Oil की कीमत करीब 6 फीसदी टूटकर 88.3 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। बाजार में यह गिरावट ईरान के उस बयान के बाद आई, जिसमें उसने अगले एक महीने के भीतर होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य जहाजरानी बहाल करने की प्रतिबद्धता जताई। इस खबर से निवेशकों को राहत मिली और तेल की आपूर्ति को लेकर चिंताएं कम हुईं।

क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में गिना जाता है। दुनिया के करीब 20 फीसदी कच्चे तेल और एलएनजी (LNG) की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। इसलिए यहां किसी भी तरह का तनाव या बाधा वैश्विक ऊर्जा बाजार पर सीधा असर डालती है। हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव के कारण जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई थी, लेकिन अब हालात सामान्य होते दिखाई दे रहे हैं। मंगलवार को दो विदेशी सुपरटैंकर इस मार्ग से सुरक्षित बाहर निकले और लगभग 40 लाख बैरल कच्चे तेल की आवाजाही हुई।

मई में 16 फीसदी से ज्यादा लुढ़का तेल

मार्च और अप्रैल में तेजी दिखाने के बाद मई महीने में तेल की कीमतों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। अब तक कच्चे तेल के दाम 16 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं और यह करीब पांच हफ्तों के निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। बाजार को उम्मीद है कि यदि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह सामान्य हो जाता है तो वैश्विक सप्लाई बेहतर होगी। इसी संभावना के चलते निवेशकों ने तेल की खरीदारी कम कर दी है, जिससे कीमतों पर दबाव बढ़ा है।

अमेरिका-ईरान बातचीत पर टिकी नजर

तेल बाजार की अगली दिशा अब अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत पर निर्भर मानी जा रही है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि दोनों देशों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता जारी है। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिए हैं कि किसी संभावित शांति समझौते को अंतिम रूप देने में अभी कुछ दिन लग सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समझौता सफल रहता है और तेल सप्लाई सामान्य बनी रहती है, तो आने वाले महीनों में कच्चे तेल की कीमतों में और गिरावट देखने को मिल सकती है।

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Author: The Hindi Post