Coal India में हिस्सेदारी बेचकर 5,000 करोड़ जुटाएगी सरकार, बाजार भाव से 10% सस्ता शेयर खरीदने का मौका

केंद्र सरकार ने कोल इंडिया में अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचने का फैसला किया है। इसके लिए ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) लाया जा रहा है, जिसके जरिए सरकार 2 प्रतिशत तक हिस्सेदारी बेच सकती है। इस बिक्री से सरकारी खजाने में करीब 5,000 करोड़ रुपये आने की उम्मीद है। OFS के तहत करीब 12.32 करोड़ शेयर निवेशकों को पेश किए जाएंगे। सरकार का यह कदम विनिवेश योजना के तहत राजस्व बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

बाजार भाव से सस्ता मिलेगा शेयर

निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (DIPAM) के सचिव अरुणिश चावला ने बताया कि OFS में 1 प्रतिशत हिस्सेदारी बेस ऑफर के रूप में और 1 प्रतिशत अतिरिक्त हिस्सेदारी ‘ग्रीन शू ऑप्शन’ के तहत रखी गई है। इसके लिए फ्लोर प्राइस 412 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। दिलचस्प बात यह है कि मंगलवार को कोल इंडिया का शेयर BSE पर 458.25 रुपये पर बंद हुआ था। यानी निवेशकों को शेयर मौजूदा बाजार भाव से करीब 10 प्रतिशत कम कीमत पर खरीदने का मौका मिलेगा।

निवेशकों के लिए कब खुलेगा OFS?

यह OFS दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। 27 मई को गैर-रिटेल निवेशकों के लिए बोली लगाने का मौका होगा, जबकि 29 मई को रिटेल निवेशक इसमें हिस्सा ले सकेंगे। सरकार को उम्मीद है कि कोल इंडिया की मजबूत वित्तीय स्थिति और लगातार मिलने वाले डिविडेंड के कारण निवेशकों की अच्छी भागीदारी देखने को मिलेगी। कंपनी लंबे समय से सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे अधिक लाभांश देने वाली कंपनियों में शामिल रही है।

विनिवेश लक्ष्य पूरा करने की तैयारी

मौजूदा वित्तीय वर्ष में यह किसी सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी का दूसरा OFS होगा। इससे पहले सरकार ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8.08 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर 2,266 करोड़ रुपये जुटाए थे। सरकार ने FY27 के बजट में विनिवेश और एसेट मोनेटाइजेशन के जरिए 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। यह FY26 के संशोधित अनुमान 33,837 करोड़ रुपये की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। ऐसे में कोल इंडिया का यह OFS सरकार के बड़े राजस्व लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

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Author: The Hindi Post