भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। आरोपी पति समर्थ सिंह को जिला अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। अदालत ने उसका पासपोर्ट जब्त करने के भी निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान मामले से जुड़े कई अहम पहलुओं की जांच और पूछताछ की जाएगी। इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को इंसाफ की उम्मीद और मजबूत होती दिखाई दे रही है।
परिवार ने उठाए कई सवाल
ट्विशा शर्मा के भाई आशीष शर्मा ने कोर्ट की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बार अदालत का माहौल पहले की तुलना में काफी अलग था। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआती सुनवाई के दौरान बार-बार कोर्ट बदलने जैसी स्थिति बनी और उसी दौरान कुछ फैसले भी हुए। परिवार का कहना है कि शुरुआत से ही मामले में कई ऐसे घटनाक्रम हुए, जिन्होंने उनके मन में सवाल खड़े किए। अब उन्हें उम्मीद है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ेगी।
आरोपी के व्यवहार पर नाराजगी
परिवार ने कोर्ट में आरोपी समर्थ सिंह के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। आशीष शर्मा के मुताबिक, अदालत में पेशी के दौरान आरोपी के चेहरे पर किसी तरह का पछतावा दिखाई नहीं दिया। उन्होंने कहा कि परिवार अपनी बेटी को खो चुका है, लेकिन आरोपी का हंसना और मुस्कुराना उन्हें बेहद परेशान करने वाला लगा। परिवार का मानना है कि यह उसका रवैया और मानसिकता दिखाता है।
साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका
परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील अनुराग श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस को पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लेना चाहिए था। उनका कहना है कि देरी के कारण साक्ष्यों से छेड़छाड़ की आशंका बढ़ गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मामले से जुड़े कुछ लोग लंबे समय तक उस घर में मौजूद रहे, जिसे जांच एजेंसियां घटनास्थल मान रही हैं। ऐसे में सबूतों पर असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुलिस ने कोर्ट में क्या कहा?
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि मामले में स्पॉट वेरिफिकेशन, तकनीकी जांच, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों की जांच अभी बाकी है। इसी आधार पर पुलिस ने 7 दिन की रिमांड की मांग की थी। बचाव पक्ष ने कम अवधि की रिमांड की मांग की, लेकिन अदालत ने पुलिस की दलीलों को स्वीकार करते हुए 7 दिन की रिमांड मंजूर कर दी। साथ ही पासपोर्ट जब्त करने की मांग भी स्वीकार कर ली गई।
अब जांच पर टिकी निगाहें
मामले में राज्य सरकार द्वारा सीबीआई जांच की सिफारिश किए जाने के बाद इसकी गंभीरता और बढ़ गई है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि आगे की जांच में कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी से विस्तृत पूछताछ की जाएगी। परिवार और आम लोगों की नजर अब इस बात पर है कि जांच एजेंसियां इस मामले में क्या नए खुलासे करती हैं और न्याय की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।