देशभर में गर्मी का कहर लगातार बढ़ता जा रहा है। उत्तर प्रदेश का बांदा इस समय देश ही नहीं, दुनिया के सबसे गर्म शहरों में गिना जा रहा है। 20 मई को यहां तापमान इतना ज्यादा दर्ज किया गया कि यह वैश्विक तापमान रैंकिंग में शीर्ष गर्म शहरों के बीच पहुंच गया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ एक शहर की कहानी नहीं, बल्कि पूरे देश में बढ़ती गर्मी का संकेत है। लगातार बढ़ता तापमान लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन पर भी असर डाल रहा है।
दुनिया के गर्म शहरों में भारत की मौजूदगी
रिपोर्ट्स के अनुसार, 20 मई को बांदा का तापमान इतना अधिक था कि उससे ज्यादा गर्मी केवल मिस्र के असवान और सऊदी अरब के अराफात में दर्ज की गई। कई भारतीय शहर भी दुनिया के सबसे गर्म शहरों की सूची में शामिल रहे। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति सामान्य मौसमी बदलाव से आगे की बात है और इसके पीछे जलवायु परिवर्तन तथा ग्लोबल वार्मिंग की बड़ी भूमिका है।
क्या है सुपर अल-नीनो?
मौसम वैज्ञानिकों ने 2026 में ‘सुपर अल-नीनो’ बनने की आशंका जताई है। अल-नीनो वह स्थिति है, जब प्रशांत महासागर की सतह का पानी सामान्य से ज्यादा गर्म हो जाता है। इसका असर पूरी दुनिया के मौसम पर पड़ता है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार समुद्र का तापमान सामान्य से करीब 3 डिग्री सेल्सियस तक अधिक हो सकता है। अगर ऐसा हुआ तो यह बेहद शक्तिशाली अल-नीनो साबित हो सकता है, जिसे सुपर अल-नीनो कहा जाता है।
भारत पर पड़ सकता है बड़ा असर
सुपर अल-नीनो भारत के लिए कई चुनौतियां लेकर आ सकता है। इससे हीटवेव की घटनाएं बढ़ सकती हैं और गर्मी लंबे समय तक बनी रह सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि मानसून भी कमजोर पड़ सकता है, जिससे सामान्य से कम बारिश होने की संभावना बढ़ जाएगी। कई राज्यों में सूखे जैसी स्थिति पैदा हो सकती है। वर्ष 2023 में भी मजबूत अल-नीनो के दौरान कई इलाकों में तापमान 45 से 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था।
मई-जून में क्यों बढ़ती है गर्मी?
वैज्ञानिकों के अनुसार, पृथ्वी 23.5 डिग्री झुकाव के साथ सूर्य की परिक्रमा करती है। मई के अंत और जून की शुरुआत में सूर्य कर्क रेखा के ऊपर पहुंच जाता है। इस दौरान भारत सहित उत्तरी गोलार्ध सूर्य की ओर ज्यादा झुका रहता है। सूर्य की किरणें लगभग सीधी पड़ती हैं, जिससे जमीन तेजी से गर्म होती है। लंबे दिन और छोटी रातें भी तापमान बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
ग्लोबल वार्मिंग ने बढ़ाई चिंता
विशेषज्ञों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हर साल गर्मी का असर और ज्यादा खतरनाक होता जा रहा है। हालिया शोध बताते हैं कि भारत में हीटवेव की अवधि और तीव्रता दोनों बढ़ी हैं। नए क्षेत्रों में भी गर्मी के हॉटस्पॉट बनने लगे हैं। ऐसे में लोगों को दोपहर की तेज धूप से बचने, पर्याप्त पानी पीने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की जरूरत है। आने वाले महीनों में मौसम की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।