Health Tips: फीकी चाय से नहीं बनेगी बात, डायबिटीज रोकनी है तो सिर्फ चीनी नहीं, बदलनी होगी पूरी लाइफस्टाइल

आजकल कई लोग सुबह बिना चीनी वाली चाय या कॉफी पीकर खुद को हेल्दी मानने लगे हैं। उन्हें लगता है कि चाय में चीनी न लेने से डायबिटीज का खतरा काफी हद तक कम हो जाएगा। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह सोच पूरी तरह सही नहीं है। डायबिटीज केवल चीनी खाने से नहीं होती, बल्कि इसके पीछे कई दूसरी वजहें भी जिम्मेदार होती हैं। अगर बाकी लाइफस्टाइल खराब है, तो सिर्फ चाय से चीनी हटाने का फायदा सीमित ही रहता है। यही कारण है कि कई लोग बिना चीनी की चाय पीने के बावजूद हाई ब्लड शुगर और डायबिटीज की समस्या का सामना कर रहे हैं।

घंटों बैठना बन रहा बड़ा खतरा

आधुनिक जीवनशैली में लोगों का ज्यादातर समय कुर्सी पर बैठकर गुजरता है। ऑफिस में घंटों लैपटॉप के सामने बैठना अब आम बात हो गई है। कई लोग 8 से 10 घंटे तक लगातार बैठे रहते हैं और बीच में बहुत कम चलते-फिरते हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की मांसपेशियां ग्लूकोज का सही इस्तेमाल नहीं कर पातीं। इससे इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ने लगता है, जो आगे चलकर डायबिटीज का कारण बन सकता है। इतना ही नहीं, यह आदत हाई ब्लड प्रेशर और बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ाती है। इसलिए हर घंटे कुछ मिनट टहलना और शरीर को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है।

कम नींद और तनाव भी जिम्मेदार

डायबिटीज का संबंध केवल खानपान से नहीं, बल्कि नींद और मानसिक स्वास्थ्य से भी जुड़ा है। आजकल देर रात तक मोबाइल चलाना, ओटीटी देखना या काम करना लोगों की आदत बन चुका है। इससे शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता। रिसर्च बताती हैं कि नींद की कमी इंसुलिन की कार्यक्षमता को प्रभावित करती है, जिससे ब्लड शुगर बढ़ सकता है। वहीं लगातार तनाव में रहने पर शरीर अधिक मात्रा में ग्लूकोज रिलीज करता है। तनाव के दौरान बढ़ने वाले हार्मोन भी ब्लड शुगर नियंत्रण को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि कई लोग ज्यादा मीठा न खाने के बावजूद डायबिटीज के जोखिम में आ जाते हैं।

लाइफस्टाइल बदलना ही असली समाधान

विशेषज्ञों का मानना है कि डायबिटीज से बचाव के लिए केवल चीनी कम करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना जरूरी है। रोजाना नियमित वॉक करना, लंबे समय तक एक जगह न बैठना, फाइबर और प्रोटीन से भरपूर भोजन लेना, तनाव को नियंत्रित रखना और 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद लेना बेहद महत्वपूर्ण है। इसके अलावा शुगर-फ्री लिखे हुए हर उत्पाद को हेल्दी मानने की गलती भी नहीं करनी चाहिए, क्योंकि उनमें मौजूद रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट और प्रोसेस्ड सामग्री भी नुकसान पहुंचा सकती है। स्वस्थ रहने का असली तरीका संतुलित और सक्रिय जीवनशैली अपनाना है।

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Author: The Hindi Post