अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि वह ईरान पर नए सैन्य हमले के सिर्फ एक घंटे दूर थे। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नौसेना के जहाज पूरी तरह हथियारों से लैस थे और हमला शुरू करने के लिए तैयार खड़े थे। हालांकि आखिरी समय में बातचीत और समझौते की उम्मीद के चलते कार्रवाई रोक दी गई। ट्रंप के इस बयान के बाद दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है।
ईरान से समझौते की कोशिश
ट्रंप ने कहा कि ईरान अब समझौते के लिए लगातार बातचीत करना चाहता है। उनके मुताबिक, उन्हें फोन कर कुछ दिन इंतजार करने की अपील की गई क्योंकि दोनों देशों के बीच डील की संभावना बन रही है। ट्रंप ने ईरान को 2-3 दिन का समय देने की बात कही है, जो अगले हफ्ते तक बढ़ सकता है। इससे साफ है कि फिलहाल अमेरिका सैन्य कार्रवाई और कूटनीतिक बातचीत दोनों रास्तों पर आगे बढ़ रहा है।
ईरान ने दी जवाबी तैयारी की चेतावनी
दूसरी तरफ ईरान ने भी साफ कर दिया है कि वह किसी भी हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि अमेरिका की तरफ से हमले की तैयारी शांति नहीं बल्कि दबाव की राजनीति है। उन्होंने कहा कि ईरान पूरी एकजुटता और मजबूती के साथ किसी भी सैन्य हमले का सामना करेगा। ईरान के इस सख्त रुख से हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।
दुनिया में बढ़ा युद्ध और महंगाई का डर
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर पूरी दुनिया पर दिखाई देने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने से शिपिंग लाइन और तेल सप्लाई प्रभावित हो रही है। इससे कई देशों में महंगाई बढ़ने की आशंका तेज हो गई है। अगर दोनों देशों के बीच फिर से युद्ध शुरू होता है तो इसका असर वैश्विक व्यापार, तेल बाजार और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ सकता है। फिलहाल दुनिया की नजर अब अमेरिका और ईरान के अगले कदम पर टिकी हुई है।